
उदित वाणी, जमशेदपुर : बागबेड़ा बुधवार की शाम बागबेड़ा गांधी नगर में अपराध जगत से जुड़े बड़े घटनाक्रम ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। शराब माफिया रंजीत-संजीत साव गिरोह का कुख्यात शूटर पोपो मुंडा अपने ही घर के गेट पर गोलीबारी का शिकार हो गया। घटना 17 सितंबर रात करीब 7 बजे की है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जब घर का दरवाजा खटखटाया गया तो भीतर से एक महिला बाहर आई। उसी वक्त पीछे से पोपो गेट पर पहुंचा। तभी बादल नामक युवक ने महिला को हटा दिया और पोपो पर दो राउंड गोली दाग दी। एक गोली उसके गुप्तांग में लगी जबकि दूसरी कमर को छूकर निकल गई।
गोली लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। घायल पोपो को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस घटनास्थल से एक खोखा बरामद कर जांच में जुट गई है। महिला प्रत्यक्षदर्शी ने स्पष्ट रूप से बयान दिया है कि गोली चलाने वाला व्यक्ति बादल था, जो मौके से भाग निकला।
प्रारंभिक जांच में घटना का संबंध बागबेड़ा संजयनगर में चल रहे अवैध गांजा कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, पोपो मुंडा ने महज 10 दिन पहले इस धंधे में प्रवेश किया और राधे यादव से हाथ मिला लिया। संजयनगर में इस धंधे को पहले बबलू सिंह संभालता था। बबलू पर पूर्व में भी रंजीत-संजीत गिरोह ने गोलीबारी की थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल होकर महीनों तक अस्पताल में रहा। बाद में बीमारी से उसकी मौत हो गई।
बबलू के मरने के बाद उसका भाई रमेश सिंह कारोबार चलाने लगा। वह राधे यादव के साथ मिलकर रोजाना 80 हजार से एक लाख रुपये तक का गांजा बेचता था। लेकिन जब राधे ने अपना अलग फाइनेंसर खोज लिया और खुद का गांजा बेचने लगा तो दोनों के बीच विवाद गहराने लगा। रमेश ने राधे को कारोबार से बाहर कर दिया। इसके बाद राधे ने पोपो को साथ ले लिया। यह कदम रमेश के लिए चुनौती साबित हुआ क्योंकि पोपो पहले से ही उसका दुश्मन माना जाता है।
इसी बीच रमेश का साथी बादल सामने आया, जिस पर अब फायरिंग का आरोप है। पुलिस का मानना है कि गोलीबारी इसी गांजा व्यापार में हिस्सेदारी और दुश्मनी का नतीजा हो सकती है। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं पिस्टल खोंसते समय गलती से गोली तो नहीं चली या फिर पोपो किसी निजी विवाद में किसी को फंसाने की कोशिश तो नहीं कर रहा है।
पोपो मुंडा पर पहले से ही हत्या और फायरिंग सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। रंजीत, संजीत और अजीत साव के संरक्षण में वह लंबे समय से इलाके में सक्रिय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बागबेड़ा मटका लॉटरी, सट्टा, शराब, गांजा और ब्राउन शुगर जैसे अवैध धंधों का गढ़ बन चुका है। बावजूद इसके पुलिस की कार्रवाई सिर्फ औपचारिक ही दिखती है। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की सरपरस्ती के कारण ही अपराधी गिरोह बेखौफ होकर इलाके में दहशत और दबदबा बनाए हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने साफ कहा है कि अगर प्रशासन ने अब भी ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे व्यापक आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। उनका कहना है कि बागबेड़ा को संगठित अपराध से मुक्त कराना ही पुलिस-प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रमुख ठिकाने जहां अवैध कारोबार फल-फूल रहा है: गुदड़ी मार्केट, डीबी रोड, मतलाडीह, भिखारी मैदान, कीताडीह, जुगसलाई बाबाकुटी, सिंह होटल के पीछे का इलाका, गांधी नगर, रामनगर, वॉरलेश मैदान, सिद्धू कानू मैदान, कालीमंदिर और नया बस्ती।

