
उदित वाणी, जमशेदपुर : लोक आस्था का महापर्व छठ अब निकट है और जमशेदपुर शहर में श्रद्धालुओं की तैयारियाँ तेज हो चली हैं. हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु छठ का व्रत धारण कर भगवान सूर्य की उपासना करेंगे. छठ पूजा के दौरान व्रतधारी सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पवित्र नदी के जल में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित करते हैं, ऐसे में नदी का स्वच्छ और निर्मल होना अत्यंत आवश्यक है.
इसी को ध्यान में रखते हुए जमशेदपुर की प्रमुख नदी स्वर्णरेखा के घाटों पर सफाई कार्य युद्धस्तर पर जारी है. जमशेदपुर अक्षेस (जेएनएसी) और जुस्को की टीम लगातार घाटों की सफाई, गाद हटाने, जल को प्रदूषणमुक्त करने और आसपास के क्षेत्रों को समतल करने का कार्य कर रही है. सफाई अभियान में मशीनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में सफाईकर्मियों को भी लगाया गया है, ताकि समय रहते छठ घाट पूरी तरह तैयार हो सकें.
दीपावली और काली पूजा के बाद नदी में पूजा सामग्री के सीधे विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन की पहल भी सराहनीय है. इस वर्ष स्वर्णरेखा नदी किनारे अलग से अस्थायी कुंडों का निर्माण कराया गया है, जहां श्रद्धालु पहले पूजा सामग्री को नदी के जल में ठंडा कर इन कुंडों में डाल सकेंगे. विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी पूजा सामग्री सीधे नदी में न प्रवाहित की जाए.
नगर निगम, पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से सुरक्षा, रोशनी, यातायात व्यवस्था और चिकित्सा सुविधा की तैयारियाँ भी जोरों पर हैं. प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में छठ पूजा संपन्न कराने में कोई असुविधा न हो.

