
उदित वाणी, जमशेदपुर: करीम सिटी कॉलेज का मास कम्युनिकेशन विभाग रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी – ‘रेडियो की दुनिया पर पुर्नदृष्टि’ का आयोजन करने जा रहा है.
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत यह तीन दिवसीय आयोजन 18 मार्च से 20 मार्च तक चलेगा जिसमें रेडियो के पिछले एक शतक की यात्रा व विकास में भूमिका पर चर्चा की जाएगी. इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है यानि इस संगोष्ठी में भाग लेने वाले वक्ता और शोध पत्र प्रस्तुतकर्ता ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़ेंगे व सशरीर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.
अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की जानकारी देते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन मास कम्युनिकेशन विभाग कर रहा है और इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की संयोजिका मास कम्युनिकेशन विभाग की अध्यक्ष एवं अंग्रेजी विभाग की वरष्ठि सहायक प्राध्यापिका डॉ नेहा तिवारी है.
1923 में हुई रेडियो की शुरुआत
इस वर्ष भारत में रेडियो ब्रॉडकास्टिंग की शुरुआत की 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं. 1923 के जून माह में इसकी शुरुआत हुई थी. कमोबेश इसी समय में विश्व के लगभग सभी देशों में रेडियो की शुरुआत हुई थी.
तब से लेकर आज तक रेडियो हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग रहा है. रेडियो की इसी शतकीय पारी को एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें रेडियो की विशेषताओं, उसके जनजीवन से जुड़ाव, जनसंचार माध्यम के रूप में किसी भी देश में उसकी भूमिका, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन विशेष रूप से भारतीय संदर्भ में रेडियो की भूमिका व रेडियो के बदलते अवतार और भवष्यि में बढ़ती एफ एम, कम्युनिटी रेडियो और पॉडकास्ट की संभावनाएं जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी.
रेडियो के विभन्नि प्रारूपों और कार्यक्रमों पर चर्चा
अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की संयोजिका डॉ नेहा तिवारी ने बताया कि देश भर में अपनी तरह की यह पहली संगोष्ठी है जिसमें खास तौर पर श्रवण आधारित माध्यम रेडियो और उसके विभन्नि प्रारूपों और कार्यक्रमों पर चर्चा की जा जाएगी। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश विदेश से मीडिया शक्षिण व रेडियो से जुड़े बड़े नाम शामिल हो रहे हैं.
बुआ के नाम से मशहूर राष्ट्रीय चैनल विविध भारती की सहायक निदेशक (कार्यक्रम ) व उत्कृष्ट प्रशासिका के रूप में प्रसद्धि रेनू चतुर्वेदी, जापान में रहकर भारत के लिए सेवाएं दे चुकी समाचार वाचिका चंद्रिका जोशी, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल कार्यक्रम निर्माता व लखनऊ आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के सहायक निदेशक अनुपम पाठक, मोरक्को वश्विवद्यिालय के प्रोफेसर डॉ. मार्टिन गैंगसिंगर, अर्जेंटीना के प्रो.डॉ सरजिओ रिकार्डो, साउथ अफ्रीका से आरजे वासन, मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया से एसबीएस रेडियो की कार्यक्रम प्रस्तोता ए बरार, गुरु गोविंद सिंह वश्विवद्यिालय की वरष्ठि सहायक अध्यापिका एवं जर्मन वश्विवद्यिालय की विजिटिंग फैकेल्टी कुलवीन त्रेहन, रेडियो सखी के नाम से मशहूर विविध भारती की कार्यक्रम प्रस्तोता ममता सिंह, सुप्रसद्धि रेडियो कार्यक्रम प्रस्तुतकर्ता विशेष आवाज के धनी यूनुस खान, व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश क्लस्टर हेड शादाब हाशमी अपनी बात रखेंगे.
70 शोधपत्र अबतक हो चुके प्राप्त
इस संगोष्ठी के लिए कि विश्व भर से लगभग 70 शोध पत्र प्राप्त हुए हैं जिसमें भारत के दल्लिी, कर्नाटक, बिहार, पंजाब झारखंड, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र एवं पुडुचेरी जैसे राज्यों के शोधार्थी शामिल हैं, और विदेश की बात करें तो साउथ अफ्रीका, इथोपिया, मोरक्को,अर्जेंटीना, मलेशिया, दोहा, अमेरिका और यूके से शोध पत्र आए हैं.
संगोष्ठी में टेक्निकल सेक्शन के चेयर के रूप में जम्मू केंद्रीय वश्विवद्यिालय के मास कम्युनिकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ बच्चा बाबू, केंद्रीय वश्विवद्यिालय, झारखंड के मास कम्युनिकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ देवव्रत सिंह, राजस्थान वश्विवद्यिालय के वरष्ठि सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ संजीव भानावत, वरष्ठि लेखक एवं आकाशवाणी के विभन्नि पैनलों में रहे प्रोफेसर डॉ सी भास्कर राव, सुप्रसद्धि लेखिका और समालोचक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विजय शर्मा शामिल रहेंगे.
प्रेस क्लब ऑफ कोलकाता के अध्यक्ष देंगे बीज वक्तव्य
उद्घाटन सत्र में कोलकाता से वरष्ठि ब्रॉडकास्ट जर्नलस्टि और प्रेस क्लब ऑफ कोलकाता के अध्यक्ष डॉ स्नेहाशीष सूर बीज वक्तव्य देंगे. उनका वक्तव्य ‘भारत में रेडियो प्रसारण के प्रारंभिक दिनों पर’ आधारित होगा.
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर व मास कम्युनिकेशन विभाग से पिछले दो दशक से जुड़े शाहिद अनवर आकाशवाणी के 100 साल के सफर की एक ऑडियो प्रस्तुति ‘आवाज का सफर’ पेश करेंगे. उद्घाटन सत्र में चन्मिोय महतो को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है जन्हिोंने रेडियो श्रोताओं का एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाया है और लगभग 500 रेडियो का अभूतपूर्व संग्रहालय भी बनाया है.
मास कम्युनिकेशन विभाग के वद्यिार्थियों को किया आमंत्रित
कार्यक्रम में शहर के सभी मास कम्युनिकेशन विभाग के वद्यिार्थियों को आमंत्रित किया गया है. उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के आयोजन में आकाशवाणी जमशेदपुर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है.
कार्यक्रम के संयोजन में संगोष्ठी की सह संयोजिका डॉ रश्मि कुमारी विशेष भूमिका निभा रही हैं. मास कम्युनिकेशन विभाग के सैयद साजिद परवेज़, सैयद शाहजेब परवेज तथा विजिटिंग फैकेल्टी बापी मुर्मू ,आधारभूत व तकनीकी तैयारियों में लगे हुए हैं. वहीं विजिटिंग फैकेल्टी तन्मय सिंह सोलंकी और तासीर शाहिद को भी समन्वयन की जम्मिेदारी दी गई है.
मास कम्युनिकेशन के तमाम वद्यिार्थियों में इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह है.

