
जामताड़ा में स्कूलों के स्वघोषित उर्दू स्कूल बनने का मामला सामने आने के बाद जिले में भी जांच
उदित वाणी, जमशेदपुरः राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक दिलीप टोप्पो ने पूर्वी सिंहभूम जिले के जिला शिक्षा अधीक्षक से स्कूलों में होने वाली साप्ताहिक छुट्टी, प्रार्थना के तौर-तरीकों और बगैर इजाजत स्कूलों के नाम बदलने के बारे में रिपोर्ट मांगी है. इस आदेश के आलोक में जिला शिक्षा अधीक्षक ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को देने को कहा है.
इस आदेश के बाद अब पूर्वी सिंहभूम जिला शिक्षा विभाग ऐसे सरकारी स्कूलों की खोज कर रहा है, जिन्हें बिना किसी सरकारी आदेश के उर्दू स्कूल घोषित कर दिया गया. जिला शिक्षा अधीक्षक सच्चिदानंद दिव्येंदु तिग्गा ने इसके लिए सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है.
दरअसल यह जांच जामताड़ा में स्कूलों को उर्दू स्कूल में खुद से बदल देने की घटना सामने आने के बाद कराई जा रही है. झारखंड के जामताड़ा जिले में मुस्लिम बहुल इलाकों में 100 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में साप्ताहिक छुट्टी रविवार से बदलकर शुक्रवार कर दिये जाने की जांच शुरू होते ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं.
पता चला है कि पलामू और पाकुड़ जिले में भी मुस्लिम बहुल कुछ इलाकों के सरकारी स्कूलों में रविवार की बजाय शुक्रवार की छुट्टी की व्यवस्था लागू कर दी गयी है. हैरानी की बात यह कि इन स्कूलों के शिक्षक भी रविवार के बजाय शुक्रवार को छुट्टी करते रहे, लेकिन राज्य सरकार का शिक्षा विभाग इससे बेखबर बना रहा.
सो, अब जिला शिक्षा अधीक्षक ने पत्र के माध्यम से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों से यह पता लगाने के लिए कहा कि जिले में कहीं ऐसा कोई सरकारी स्कूल तो नहीं है, जहां प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों द्वारा खुद सामान्य सरकारी विद्यालय को उर्दू विद्यालय घोषित कर अनुमान्य अवकाश में परिवर्तन करते हुए रविवार की जगह शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी घोषित की जा रही है.
इसमें जिला शिक्षा अधीक्षक ने तीन दिनों के भीतर पूरे जिले में स्कूलों की जांच कर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. इसमें सरकार द्वारा सृजित उर्दू विद्यालय एवं स्वघोषित उर्दू विद्यालय के संबंध में प्रतिवेदन देने को कहा गया है.
सूची बनाकर उर्दू विद्यालयों के नाम व विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्वघोषित उर्दू विद्यालयों के नाम की सूची जिला शिक्षा विभाग को 14 जुलाई तक उपलब्ध कराने को कहा गया है. यह जांच जामताड़ा में पिछले दिनों कई स्कूलों को स्वघोषित उर्दू स्कूल बना देने की सूचना के आलोक में कराई जा रही है. ऐसे विद्यालयों की पहचान होने पर कार्रवाई करने की तैयारी है.
पूर्वी सिंहभूम के आठ स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षा चलेगी
झारखंड के 261 सरकारी स्कूलों में इस साल प्री प्राइमरी कक्षा की भी पढ़ाई शुरू होगी. इसके लिए स्कूलों का चयन कर लिया गया है. इसके तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में आठ स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षा चालने का निर्णय लिया गया है. वहीं पश्चिमी सिंहभूम में 16 और सरायकेला खरसावां में 24 स्कूलों में प्री प्राइमरी की कक्षाएं संचालित की जाएंगी.
इनमें सर्वाधिक 28 स्कूल बोकारो जिले के हैं. इन स्कूलों में कुल 7,092 बच्चे नामांकित होंगे. स्कूलों में बच्चों की संख्या भी तय कर दी गई है. समग्र शिक्षा अभियान के तहत चयनित इन स्कूलों में पूर्व बालकों की देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के तहत चाइल्ड फ्रेंडली बेंच-डेस्क खरीदे जाएंगे. कक्षाओं में बच्चों को बेहतर माहौल देने तथा खेल-खेल में पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए पेंटिंग की जाएगी. साथ ही बच्चों के खेल के लिए आउटडोर खेल सामग्री की भी व्यवस्था की गई है. साथ ही वहां नामांकित बच्चों को टीचिंग लर्निंग मैटेरियल दिए जाएंगे.

