
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर हाल के दिनों में एक अजीब किस्म के अपराध से परेशान है — यह अपराध न सिर्फ सड़कों पर देखा जा रहा था, बल्कि इंटरनेट की दुनिया में भी इसकी धमक सुनाई पड़ रही थी. सिदगोड़ा से लेकर बर्मामाइंस, बारीडीह और बागुनहातू तक के इलाके एक नए किस्म की चुनौती से जूझ रहे थे: “इंस्टाग्राम गैंग्स”. युवाओं का एक संगठित समूह जो दुपहिया वाहनों पर सवार होकर रात में उत्पात मचाते, वीडियो बनाते, और फिर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर शहर में खौफ का माहौल बना रहे थे.
ऐसे ही एक गिरोह “एक्सएनआर (स्मार्टी-नाइटराइडर्स)” पर आखिरकार पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 25/26 जून की रात को 10 अपराधियों को धर दबोचा. यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि इस बात का स्पष्ट संकेत भी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं.
शहर की सड़कें बनीं थी स्टंट का मैदान
शहर की आम सड़कों पर रात के समय युवकों का एक समूह तेज़ रफ्तार दुपहिया वाहनों पर सवार होकर खतरनाक स्टंट करता, हूटर बजाता, लोगों को डराता और उत्पात मचाता नजर आता था. सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मी भी इनकी पहचान नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि यह समूह न केवल योजनाबद्ध तरीके से चलता था, बल्कि हर स्टंट और अपराध की वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर साझा करता था.
इनकी यह हरकतें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होतीं, और नए युवाओं को आकर्षित करतीं. लोग इन्हें “डिजिटल गुंडा” या “इंस्टा-बदमाश” के नाम से पहचानने लगे थे.
गुप्त सूचना से हुआ खुलासा, पुलिस ने कसी कमर
इस गिरोह की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि “एक्सएनआर गैंग” के सदस्य बर्मामाइंस और सिदगोड़ा क्षेत्र में सक्रिय हैं और बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. इसके बाद सिटी एसपी कुमार शुभाशीष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस उपाधीक्षक (प्रथम) और सिदगोड़ा थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां की अगुवाई में रणनीति तैयार की गई.
अभियान 25 जून की रात आरंभ हुआ. सादे वस्त्रों में तैनात पुलिसकर्मी, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण केंद्र से समन्वय और विशेष दस्ता रात भर सिदगोड़ा, बागुनहातू, रिवर रोड, पटना लाइन और गजरा चौक क्षेत्र में सक्रिय रहा.
कार्रवाई की पूरी तस्वीर: क्या-क्या बरामद हुआ
छापेमारी के दौरान जिन 10 युवकों को गिरफ्तार किया गया, उनके पास से निम्न वस्तुएं बरामद हुईं:
एक देशी कट्टा (अवैध देसी हथियार)
दो जीवित कारतूस
एक चोरी की चारपहिया वाहन (कार)
एक दुपहिया वाहन (मोटरसाइकिल)
एक लूटा गया स्मार्ट दूरभाष (मोबाइल फोन)
पुलिस ने बताया कि ये सभी अपराधी पहले से ही कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं और गिरोह बनाकर सामूहिक रूप से वारदातों को अंजाम देते थे.
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और पृष्ठभूमि
पकड़े गए अभियुक्तों की सूची इस प्रकार है:
1. राजा सिंह उर्फ मुर्गी जल्लाद – भारत सेवाश्रम संघ, बागुनहातू के पास निवासी. हत्या (धारा 302), साक्ष्य मिटाना (धारा 201), चोरी (धारा 379) में लिप्त.
2. साहिल सिंह सरदार उर्फ रैफर – गजरा चौक, बागुनहातू निवासी.
3. पीयूष डे – बागुननगर उपथाना क्षेत्र निवासी.
4. सौरभ कुमार उर्फ लादेन – बिहारी स्ती, बागुनहातू निवासी. हत्या मामले में अभियुक्त.
5. महेश सिंह भूमिज – पटना लाइन, बारीडीह बस्ती निवासी.
6. शुभम कालिंदी – रिवर रोड, बागुनहातू निवासी; लूट और चोरी में लिप्त.
7. सागर नाग – समाज क्लब, बागुनहातू के पास निवासी.
8. अतीश कुमार नाग – पदमा पथ, दस नंबर बस्ती, सिदगोड़ा निवासी.
9. मुकेश गोराई – छह नंबर रोड, बागुनहातू निवासी.
10. देवा बेहरा – सिद्धू कान्हू बस्ती, बर्मामाइंस निवासी.
इनमें से राजा सिंह, शुभम कालिंदी, सौरभ कुमार और सागर नाग के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं. राजा सिंह पर हत्या का मुकदमा है, जबकि शेष आरोपियों के खिलाफ लूट, छिनतई और मारपीट के मामले हैं.
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के उद्देश्य से रात में लूटपाट, छिनतई और स्टंट करते थे. उनका लक्ष्य यह था कि उनके इंस्टाग्राम पृष्ठ पर अधिक ‘दर्शक’ और ‘अनुयायी’ जुड़ें.
उन्होंने स्वीकार किया कि:
उन्होंने संयुक्त रूप से दर्जनों लूट की घटनाएं अंजाम दीं.
चोरी के वाहनों का उपयोग किया गया ताकि पुलिस पहचान न सके.
मोबाइल फोन लूटने के बाद सिम निकालकर उन्हें बदल दिया जाता था.
इंस्टाग्राम पर “एक्सएनआर” नाम से पृष्ठ बनाकर वीडियो साझा करते थे.
हर सदस्य का उपनाम और कार्य था – जैसे ‘कैमरामैन’, ‘राइडर’, ‘एडिटर’.
स्मार्ट अपराध का डिजिटल चेहरा: इंस्टाग्राम पेज की भूमिका
इस गिरोह का इंस्टाग्राम पृष्ठ एक “डिजिटल अपराध डायरी” था. यहां वे न केवल करतबों के वीडियो साझा करते, बल्कि अपने अनुयायियों से प्रतिक्रिया भी मांगते थे. “देखो, कैसे पुलिस से भागे”, “सिदगोड़ा की सड़कों के बादशाह”, जैसे शीर्षक वाले वीडियो वायरल हो रहे थे. पुलिस ने उनके इस पृष्ठ को भी अब बंद करवा दिया है.
सख्त संदेश: पुलिस की सख्ती जारी रहेगी
नगर पुलिस अधीक्षक कुमार शुभाशीष ने कहा,
“शहर की शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस प्रकार के डिजिटल गिरोह अब पुलिस की प्राथमिकता में हैं. सोशल मीडिया पर हिंसा और अपराध को बढ़ावा देना, लोगों को डराना, और खुलेआम हथियार लहराना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
उन्होंने यह भी बताया कि अन्य फरार साथियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा. सभी थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी और गश्ती दल को सख्त निर्देश दिए गए हैं.
जनता से अपील सहयोग करें और सतर्क रहें
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध गतिविधि, स्टंट या हथियार से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर देखें, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. आपके एक संदेश से किसी की जान बच सकती है.
अपराध का डिजिटल रूप और उसका अंत
“एक्सएनआर (स्मार्टी-नाइटराइडर्स)” का उदय इंस्टाग्राम पर हुआ और पतन पुलिस के हथकड़ी में. यह मामला दर्शाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जा सकता है. लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि जमशेदपुर पुलिस अब पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि डिजिटल तकनीक, गुप्त सूचना और तेज़ कार्रवाई के साथ शहर को सुरक्षित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है.

