
उदितवाणी, रांची: नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार के मुख्यसचिव को अवमाननावाद का नोटिस जारी किया गया है.
आजसू पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी द्वारा मामले में दायर की गई अवमाननावाद याचिका पर मंगलवार को शीर्ष अदालत में जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस अभय एस ओका की बेंच में सुनवाई हुई. इसके बाद खंडपीठ द्वारा मामले में मुख्यसचिव को नोटिस जारी किया गया. इस मामले में अब अगली सुनवाई 13 जनवरी 2023 को निर्धारित की गई है.
सांसद चौधरी द्वारा दायर की गई अवमाननावाद याचिका में कहा गया है कि झारखंड सरकार ने पंचायत चुनाव के पहले सर्वोच्च न्यायालय में जो शपथपत्र दाखिल किया था. उसका पालन नहीं किया जा रहा है.
राज्य सरकार द्वारा दाखिल उक्त शपथपत्र के विरुद्ध बगैर ओबीसी आरक्षण के ही निकाय चुनाव कराने का निर्णय ले लिया गया है. याचिका में कहा गया है कि ओबीसी आरक्षण को लेकर झारखंड सरकार की मंशा सही नहीं है.
ज्ञात हो कि सांसद चौधरी द्वारा ही इसी साल पंचायत चुनाव से पूर्व सर्वोच्च न्यायालय में ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई थी और उस याचिका पर सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र देकर कहा गया था कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित ट्रिपल टेस्ट प्रक्रियाधीन है और झारखंड सरकार भविष्य में होनेवाले चुनाव के पूर्व ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कर लेगी तथा राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ओबीसी आरक्षण को लेकर दिए गए निर्देशों का अनुपालन करेगी.
गौरतलब है कि हेमंत मंत्रिमंडल द्वारा गत 10 अक्टूबर की बैठक में बगैर ओबीसी आरक्षण के ही नगर निकाय चुनाव कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है. जिसमें राज्य सरकार ने ओबीसी को अनारक्षित श्रेणी का माना है. यह और बात है कि फिलवक्त राज्य सरकार द्वारा कुछ दिनों के लिए नगर निकाय चुनाव को टाल दिया गया है.

