
उदित वाणी, रांची: बोकारो के विधायक सह प्रतिपक्ष भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने राज्य विधानसभा में अल्पसूचित प्रश्नकाल में सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में न केवल पत्थरों का अवैध खनन किया जा रहा है.
अपितु अवैध विस्फोटक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध विस्फोटक का इस्तेमाल नक्सलियों के साथ सांठगांठ करके किया जा रहा है. इसके साथ प्रभारी मंत्री बादल पत्रलेख के जबाब से असंतुष्ट विरंची नारायण ने इस मामले की जांच एनआईए अथवा विधानसभा के सर्वदलीय समिति से कराने की माग की.
इस मुद्ये पर भाजपा विधायकों ने वेल में जाकर जमकर हंगामा भी किया. वहीं पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित की.
जबकि विधायक बिरंची नारायण ने मामले को उठाते हुए कहा कि तीन साल में राज्य भर में अवैध पत्थर खनन व अवैध परिवहन से संबंधित हजारों मामले सामने आए हैं. इसमें अवैध विस्फोटकों के इस्तेमाल का भी मामला सामने आया है. राज्य में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का खनन घोटाला हुआ है.
वहीं इस सवाल के जबाब में प्रभारी मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि माइनिंग में हेमंत सोरेन की सरकार द्वारा तीन बर्षों में पूर्ववर्ती रघुवर दास की सरकार से ज्यादा राजस्व की वसूली की है.
रघुवर सरकार में तीन साल में खनन क्षेत्र से 15784 करोड रुपए राजस्व प्राप्त हुआ था. जबकि हमारी सरकार में तीन साल में 30949 करोड़ रूपये का राजस्व हासिल किया है. जहां तक विस्फोटकों के अवैध इस्तेमाल का सवाल है। यह भारत सरकार की जिम्मेदारी है. इसके साथ प्रभारी मंत्री ने रेलवे से खनिजों के अवैध परिवहन का आरोप लगाया.
इसपर बिरंची के अलावा भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि अवैध खनन से साहिबगंज व पलामू में कई पहाड़ गायब हो गए. मामला अवैध खनन का है, न कि राजस्व वसूली का. उन्होंने स्पीकर से मामले की जांच के लिए विधानसभा की कमेटी बनाने की मांग की.
इस पर मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि हेमंत है तो हिम्मत है. उन्होंने रेल मंत्रालय को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा भेजी गई चिट्ठी को दिखाते हुए कहा कि आप इस चिट्ठी का जवाब ले आइए. इस चिट्ठी में लिखा गया है कि रेलवे के अधिकारी भी अवैध खनन में संलिप्त रहे हैं. वहीं निर्दलीय विधायक सरयू राय ने मामले में कहा कि अवैध खनन से पर्यावरण को क्षति हो रहा है.
इसे लेकर एनजीटी में दायर वाद पर एनजीटी कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार वहां अराजकता रोकने में असफल है. यह 15 मार्च की रिपोर्ट है। परन्तु इस पर प्रभारी मंत्री ने किसी तरह का जबाब नहीं दिया.
प्रदीप यादव ने उठाया गलत बिजली बिल देने का मामला
अल्पसूचित प्रश्नकाल में ही विधायक प्रदीप यादव ने बिजली उपभोक्ताओं को अक्सर गलत बिल देने का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि जेबीवीएनएल को हमेशा उपभोक्ताओं की शिकायत मिलती है कि ऊर्जा मित्र गलत बिलिंग करते हैं.
राज्य सरकार बताये कि अबतक कितने ऊर्जा मित्र पर कार्रवाई की गयी है. इसपर प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सरकार की ओर से उत्तर देते कहा कि गलत बिल देने की शिकायत सही है. बिलिंग के दौरान गलत डाटा एंट्री होने पर सॉफ्टवेयर से गलत बिल मिलने की शिकायत सामने आती है.
लेकिन इसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए उपभोक्ता के बिल को सुधारा जाता है और ऊर्जा मित्र की ओर से अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर उस पर कार्रवाई भी की जाती है.
बर्ष 2024 तक राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति का लक्ष्य
वहीं भाजपा विधायक अनंत ओझा ने राज्य में लचर बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया. उन्होनें कहा कि ऊर्जा विभाग का बजट 4854 करोड़ होने के बावजूद राज्य के लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है.
जिसके उत्तर में प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा की राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे व शहरी क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि जबकि राज्य गठन के समय विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 6 लाख थी. जो अब बढ़कर 49 लाख हो गई है.
वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य को लगभग 3100 मेगावाट बिजली आवंटित है और सरकार द्वारा बर्ष 2024 तक राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है.

