
उदित वाणी, जमशेदपुर: ब्लड डोनेशन कल्चर के लिए मशहूर टाटा मोटर्स ने सोमवार शाम को अपने रक्तदाताओं को सम्मानित किया. टाटा मोटर्स के प्लांट हेड रवीन्द्र कुलकर्णी, ईआर हेड दीपक कुमार, टाटा मोटर्स हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ.संजय कुमार, जमशेदपुर ब्लड बैंक की सेक्रेटरी नलिनी रमामूर्ति, टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते और महामंत्री आरके सिंह ने 25 बार, 50 बार और 75 बार रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं के साथ ही विभागवार रक्तदाताओं को सम्मानित किया. कार्यक्रम का संचालन अमितेश पांडेय ने किया.
ब्लड डोनेशन को लेकर ऐसा उत्साह नहीं देखा-कुलकर्णी
प्लांट हेड रवीन्द्र कुलकर्णी ने कहा कि वे जमशेदपुर के अलावा पुणे और लखनऊ प्लांट में भी रहे हैं, लेकिन ऐसा उत्साह और जोश नहीं देखा. इसकी वजह यह है कि रक्तदान को लेकर यहां के लोगों में जागरूकता काफी है.
उन्हें पता है कि यह दान कितना महत्वपूर्ण है. साथ ही यहां के लोगों में समाज के प्रति प्रतिबद्धता है. उन्होंने कहा कि लोगों ने कोरोना के दौरान देखा कि खून की कीमत क्या होती है. ये रक्तदाता सचमुच हमारे वॉरियर हैं.
फैक्ट्री में हम खून नहीं बना सकते-महामंत्री
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह ने कहा कि खून को हम किसी लैब या फैक्ट्री में नहीं बना सकते. इसके लिए किसी इंसान का खून होना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि एक बॉटल खून से चार जिंदगियां बचती हैं.
पिछले साल टाटा मोटर्स में 6012 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ था. टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में 1562 यूनिट ब्लड संग्रह किया गया. इस बार हमारा लक्ष्य दो हजार रक्तदान कराने का है. उन्होंने बताया कि यूनियन की ओर से अगले 21 दिसंबर को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है.
12 फीसदी ब्लड केवल टाटा मोटर्स से
जमशेदपुर ब्लड बैंक की सेक्रेटरी नलिनी रामामूर्ति ने कहा कि जमशेदपुर में साल में 54 हजार ब्ल़ड संग्रह होते हैं. उसका 12 फीसदी केवल टाटा मोटर्स से आता है. उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में 44 सेंचुरियन ब्लड डोनर्स हैं, जिसमें से 19 टाटा मोटर्स से हैं.
ठंड का मौसम ब्लड डोनेशन के लिए सही नहीं, 42 दिन में एक्स्पायर हो जाता है ब्लड-संजय चौधरी
ब्लड बैंक के संजय चौधरी ने बताया कि ठंड का मौसम ब्लड डोनेशन के लिहाज से सुरक्षित नहीं है. उन्होंने टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन से अनुरोध किया है कि नवम्बर-दिसंबर माह में दो हजार ब्लड डोनेट कराने का लक्ष्य नहीं रखें, क्योंकि ठंड के माह में ब्लड की मांग कम हो जाती है.
ऐसे में अगर अभी ज्यादा ब्लड डोनेट होगा तो उसके एक्स्पायर होने की संभावना ज्यादा होगी क्योंकि ब्लड को अधिकतम 42 दिन तक रखा जा सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि अप्रैल से जून माह के बीच रक्तदान कराए, क्योंकि उस दौरान खून की मांग काफी होती है और रक्तदान शिविर कम होता है. अभी छोटे-बड़े रक्तदान शिविर काफी होते हैं.
ऐसे में मास ब्लड डोनेशन कराना सही नहीं है. उन्होंने इसे दो पार्ट में कराने का सलाह दिया. चौधरी ने बताया कि जमशेदपुर में जो ब्लड संग्रह होता है उसका 80 फीसदी बी और ओ ग्रुप का होता है, जबकि 20 फीसदी ए और एबी ग्रुप का होता है.
टाटा मोटर्स यूनियन को स्पेशल अवार्ड
मैनुफैक्चरिंग एरिया का स्पेशल अवार्ड इस साल वेहिकल फैक्ट्री, एक्सल और ट्रिम फैक्ट्री को मिला. नन मैनुफैक्चरिंग एरिया में क्वालिटी एश्योरेंस, एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिक्यूरिटी और पीई विभाग को मिला.
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन को ब्लड डोनेशन कैंप कराने के लिए स्पेशल अवार्ड मिला. सिंगल कैंप में सर्वाधिक ब्लड डोनेशन के लिए एक्सएल ट्रांसमिशन और हीट ट्रीटमेंट प्लांट को मिला.

