
सरायकेला खरसावां के जोरगोडीह घाट से खुद लाना होगा बालू
उदित वाणी जमशेदपुर/रांची : राज्य में बालू को लेकर मचे हाहाकार के बीच अब एक अच्छी खबर आई है. सरकार ने राज्य के लोगों को ऑनलाइन तरीके से बालू खरीदने का मौका दिया है. झारखंड राज्य खनिज विकास निगम यानी जेएसएमडीसी ने इसकी व्यवस्था की. ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करके बालू की खरीद की जा सकेगी, यही कारण है कि ऑनलाइन बालू खरीदने के लिए होड़ मची हुई है. बताया जाता है कि अभी जेएसएमडीसी के पास करीब एक लाख सीएफटी बालू का स्टाक है जबकि बुकिंग इससे सवा गुणा अधिक हो चुकी है. ऐसे में बालू की डिलेवरी में कुछ ज्यादा समय भी लग सकता है.
निगम के 17 बालू घाटों में भरपूर स्टाक उपलब्ध है और अब यहां से कोई भी व्यक्ति बालू की खरीदारी कर सकता है. बालू की दरें वही होंगी जो पहले से निर्धारित हैं लेकिन लोगों को अपनी व्यवस्था से बालू को मंगवाना होगा और इस तरह से परिवहन शुल्क के कारण कीमत कुछ अधिक पड़ सकती है फिर भी यह बाजार से सस्ता पड़ेगा. घाटों की सूची के साथ जेएसएमडीसी ने इसके एमडीओ के नाम और एजेंसी के लोगों की सूची भी जारी की है ताकि उपभोक्ता बालू की खरीदारी आसानी से कर सकें. आपको 785 रुपए प्रति घनफुट की दर और परिवहन लागत की कीमत के साथ पैसा जमा कराना होगा.
इन 17 बालू घाटों से होगी बिक्री
जेएसएमडीसी की तरफ से कहा गया है कि 17 बालू घाटों से बालू की बिक्री की जायेगी. इसमें गढ़वा के खरसोला, गुमला के लारंगो, चतरा के गढकेदली और लोहसिंहना खूर्द तथा बुंकी. साथ ही सरायकेला खरसांवां के जोरगोडीह बालू घाट शामिल हैं. वहीं खूंटी के कुदरी ओक्रा शिमला और डोड़मा, गढवा में खूदरी ओकरा सिमलू, गढवा के पचादुमर, सुंदीपूर और केराडीह, हजारीबाग में नावांतर, कोडरमा में कांति, देवघर में बसंतपुर और मलझार, देवघर में तेतरियाखांड, देवघर के पंडानिया, देवघर के जुगतोपा, देवघर के रानीगंज बालूघाट शामिल हैं.
बिना चालान पकड़े जाने पर सजा का प्रावधान
बिना चालान के बालू पकड़े जाने पर एक वर्ष कैद व कुल मूल्य का दोगुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान है. कहने का तात्पर्य यह है कि अगर बिना चालान बालू की ढुलाई करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसे एक वर्ष कैद और वाहन में रखे खनिज के कुल मूल्य की दोगुनी राशि के जुर्माने का प्रावधान है. लेकिन आजतक शायद ही कोई पकड़ा गया हो.

