
उदित वाणी, रांची: अवैध खनन घोटाले में पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय जाने के पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झामुमो सुप्रीमो सह अपने पिता शिबू सोरेन की अध्यक्षता में छह सदस्यीय झारखंड राज्य समन्वय समिति घटित किया.
समन्वय समिति में छह सदस्यों के अलावा तीन बिशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाये गये हैं. समन्वय समिति में शिबू सोरेन को अध्यक्ष तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, झामुमो विधायक सरफराज अहमद, झामुमो के केन्द्रीय महासचिव फागु बेसरा व विनोद पांडेय तथा पूर्व विधायक योगेन्द्र महतो सदस्य बनाये गये हैं.
वहीं ग्रामीण विकास सह संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, श्रममंत्री सत्यानन्द भोक्ता तथा पूर्व विधायक बंधू तिर्की बिशेष आमंत्रित सदस्य बनाये गये हैं.मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग समन्वय के प्रधान सचिव वंदना दादेल के हस्ताक्षर से इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया गया है.
जिसमें कहा गया है कि शिबु सोरेन, सरफराज अहमद, आलमगीर आलम व सत्यानन्द भोक्ता को छोड़कर समन्वय समिति के अन्य सदस्यों व बिशेष आंत्रित सदस्य बंधू तिर्की को कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल होगा और उन्हें राज्य के मंत्री को अनुमान्य सभी सुविधायेंद जायेगी. समन्वय समिति का कार्यकाल तीन बर्षों का होगा। समिति द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार को परामर्श दी जायेगी.
जबकि समिति का कार्यालय अघ्यक्ष शिबू सोरेन का आवास होगा और प्रत्येक माह समिति की बैठक आयोजित की जायेगी. समिति को अपेक्षित एवं आवश्यक सचिवालीय सहायता मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा.
समन्वय समिति के गठन का उद्येश्य के बारे में बताया गया कि राज्य के संतुलित विकास की संभावना तलाशने तथा जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के विकास योजनाओं के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए किया गया है.
संकल्प में कहा गया है कि राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में आर्थिक विकास की गति को तीव्र करने संबंधी योजना व उपायों पर सम्यक विचार करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है. इस कार्य के लिए औद्योगिक विकास एवं क्षेत्रों को चिन्हित करके उसके लिए आधारभूत संरचनाओं की व्यवस्था किया जाना है.
समिति द्वारा राज्य से मजदूरों का पलायन को रोकने के लिए राज्य की बुनियादी आवश्यकताओं को लेकर समन्वय स्थापित करके उनका सतत् विकास किया जायेगा तथा राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक संपदाओं के समुचित उपयोग एवं मानव संसाधनों के सम्यक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किये जाने वाले कार्यों के त्वरित निष्पादन के निमित्त राज्य सरकार को परामर्श दिया जायेगा.

