
उदित वाणी, जमशेदपुर: नेचर संस्था द्वारा महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं के बीच स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान में कराया गया। इस कार्यशाला में जिला पार्षद डॉ कविता परमार, बागबेड़ा के सातों पंचायत की स्वास्थ्य सहिया बहन, ANM दीदी, और CHO के साथ-साथ जल सहिया भी उपस्थित थीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पार्षद सह नेचर की संरक्षक डॉ कविता परमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहिया बहनों का अहम भूमिका रहता है। उन्होंने सहिया बहनों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बहुत कम मानदेय के बावजूद बहनें लगन से अपना सहयोग देती हैं।
कार्यक्रम में CHO ने बताया कि वे लोग सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा पेशेवर होते हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने, स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने, बीमारियों की रोकथाम करने, सामान्य बीमारियों के उपचार में सहायता करने और स्वास्थ्य सेवाओं व समुदाय के बीच एक कड़ी के रूप में काम करते हैं।
एएनएम दीदी ने बताया कि समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिनके मुख्य कार्यों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा, प्राथमिक उपचार और सामुदायिक स्वास्थ्य निगरानी शामिल हैं।
स्वास्थ्य सहिया बहनों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में सहिया घर-घर जाकर योजनाओं की जानकारी लोगों को देती हैं। जानकारी मिलने से इसका फायदा लोगों को मिलता है। चाहे टीकाकरण अभियान हो या फिर गर्भवती व शिशु का स्वास्थ्य जांच, हर योजना का लाभ सहिया के माध्यम से ही ग्रामीण महिलाओं को मिलता है।
जल सहिया ने बताया कि गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर साफ-सफाई, जल की व्यवस्था तथा जल स्रोतों के रखरखाव एवं महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य संबंधित कार्यों की जानकारी देने का काम करती हैं।
कार्यक्रम में छात्राओं ने बहुत सारे सवालों के माध्यम से अपनी जानकारी को बढ़ाया। इस अवसर पर डॉ कविता परमार ने कहा कि स्वास्थ्य सहिया और जल सहिया ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की रीढ़ हैं। उनके कार्यों को देखते हुए हम सभी को उनका सम्मान करना चाहिए।

