
उदित वाणी, जमशेदपुर: “गांधी जी और शास्त्री जी दोनों हमें सादगी स्वाभिमान और सामथ्र्य की सीख देते हैं. भारत की जनता बाजार के जाल में फंसे यह दोनों नहीं चाहते थे. गांधीजी ने गांवों की अर्थव्यवस्था की समृद्धि के जरिए भारत को समृद्ध बनाने का रास्ता दिखाया था.
शास्त्री जी ने उसे आर्थिक और सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत बनाया.” आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय मेमोरियल महाविद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार झा ‘अविचल’ ने ये विचार व्यक्त किये.
उन्होंने कहा कि हमने वसुधैव कुटुंबकम का जीन है जिसका विकास होना चाहिए. हमें जानना चाहिए कि गांधी शास्त्री के सपनों का भारत क्या था. उन्होंने कहा कि संविधान के नीति निर्देशक तत्वों को पूरा करने के संकल्प से ही हम इन दोनों महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं.
पहले गांधी जी और शास्त्री जी के चित्रों पर पुष्प अर्पण किया गया. संचालन राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार गुप्ता ने किया.
कार्यक्रम में इतिहास विभाग के प्रो. मोहन साहू, संथाली विभाग मनोविज्ञान विभाग के डॉ. प्रशांत, इंटरमीडिएट के शिक्षक अनिमेष और विनय कुमार, देवीलाल, विकास आदि मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी विभाग के डॉ. सुधीर कुमार ने किया.

