
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा जूलॉजिकल गार्डेन के नये चेहरे पर से गुरुवार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रोज पर्दा उठ जाएगा. इस दिन से जू को आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा. रिनोवेशन को लेकर जू कई माह से बंद था.
टाटा स्टील ने जू को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के अनुरूप बनाया है. जू के निदेशक विपुल चक्रवर्ती ने बताया कि गणतंत्र दिवस से जू आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. सुबह 9 बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच विजिटर्स टिकट लेकर जू में प्रवेश कर पाएंगे. जू शाम 5 बजे बंद हो जाएगा. चक्रवर्ती ने बताया कि अभी टिकट दर में कोई बढ़ोचरी नहीं की गई है.
बड़ों के लिए 30 रूपए और बच्चों के लिए 20 रूपए टिकट पहले की तरह ही है. उन्होंने बताया कि जू का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है. कई नये फीचर जोड़े गये हैं.
हिरण का नया बाड़ा बनाया गया है, जो बच्चों के लिए रोमांच भरने को काफी है. यही नहीं प्रवेश द्वार में पार्क और फौव्वारे जू में चार चांद लगा रहे हैं. उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेन्द्रन ने 7 जनवरी को जू का आधिकारिक उदघाटन किया था.
अब नया प्रवेश द्वार
जू का प्रवेश द्वार अब मेरिन ड्राइव की ओर से होगा. एक्सएलआरआई के सेकेंड गेट के बदल में जू का नया प्रवेश द्वार है. जू निदेशक ने बताया कि चिड़ियाघर का न केवल प्रवेश द्वार बदल गया है बल्कि जू के अंदर की डिजाइन भी पूरी तरह से बदल गई है. अब जानवरों को देखने के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा.
बल्कि जानवरों को इस तरह से रखा गया है कि एक तरह के जानवरों का बसेरा एक जगह हो. पूरे जू के जानवरों को थीम के आधार पर बांटा गया है.
एंट्रेंस प्लाजा के खुलने से दर्शकों को चिड़ियाघर में आने के लिए अलग मार्ग और अपने चार और दोपहिया वाहनों को पार्क करने की सुविधा के साथ सुरक्षित निकासी की सुविधा भी मिलेगी. साथ ही चार्जिंग स्टेशनों के साथ स्मारिका ई-कार्ट, दुकान, कर्मचारियों के लिए चेंज एवं रेस्ट रूम, एवी रूम, ई-टिकटिंग सुविधा, सीसीटीवी सर्विलांस आदि होंगे.
एक सुंदर फाउंटेन पार्क और शाकाहारी प्रदर्शनी भी स्थापित की गई है.
बच्चों के एजुकेशन पर जोर
नव निर्मित चिड़ियाघर में एजुकेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि फ्यूचर जेनरेशन को जैव विविधता के महत्व के बारे में बताया जा सके. जूलॉजिकल पार्क, क्षेत्र के वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता पर लोगों की जागरूकता बढ़ाने में सबसे आगे रहा है, जिसमें विद्यार्थियों के लिए नेचर कैंप सहित साल भर विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है.
आज जैव विविधता, दुनिया भर में सबसे जरूरी और त्वरित स्थिरता चुनौतियों में से एक है, जिसका हम सामना कर रहे हैं. इन चुनौतियों के बारे में नागरिकों को जागरूक करना और समाधान खोजने में उन्हें शामिल करना महत्वपूर्ण है.
2020 में मिली थी मंजूरी
सीजेडए ने जुलाई 2020 में जूलॉजिकल पार्क की नई लेआउट योजना को मंजूरी दी थी. कोविड के चलते इसके कार्यान्वयन की योजना में देरी हुई. यह काम वर्ष 2025 तक पूरा होगा. गार्डेन में एजुकेशन सेंटर के साथ ही पार्किंग एरिया, ऑडियो विजुअल रूम, रेस्ट रूम, फाउंडेशन पार्क, वेटनरी हॉस्पिटल, ब्रिडिंग सेंटर को बनाया गया है. जू में 400 से ज्यादा जानवर हैं.
अब 65 एकड़ क्षेत्र
नव निर्मित चिड़ियाघर का क्षेत्र 46 एकड़ से बढ़कर 65 एकड़ हो गया है. उन्होंने बताया कि टाटा जू, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) द्वारा मान्यता प्राप्त ‘मध्यम’ श्रेणी का चिड़ियाघर है.
सीजेडए समय-समय पर चिड़ियाघरों का मूल्यांकन करता है और उनके सुधार के लिए शर्तों को निर्धारित करता है. टाटा स्टील जूलोजिकल गार्डेन का समय-समय पर सीजेडए द्वारा मूल्यांकन किया गया है. निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए प्रमुख सिफारिशों में पोस्टमॉर्टम रूम और इंसीनरेटर के साथ एक पशु चिकित्सा अस्पताल का निर्माण, पशु बाड़ों की शिफ्टिंग, जनता के आने-जाने के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार, परिधि की दीवार को मजबूत करना आदि हैं.
1992 में खुला था टाटा जू
टाटा स्टील लिमिटेड ने 1992 में सिंहभूम परिदृश्य में वनों और वन्य जीवन के संरक्षण की आवश्यकता पर लोगों की जागरूकता बढ़ाने के प्रयास के रूप में जमशेदपुर में एक चिड़ियाघर के निर्माण की अवधारणा की थी. चिड़ियाघर में औसतन एक वर्ष में 4 लाख से अधिक विजिटर्स आते हैं.

