
उदित वाणी, जमशेदपुर : कदमा थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और जालसाजी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। पीड़िता दीक्षा महतो के लिखित आवेदन पर पुलिस ने 01 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की। दर्ज मामले में कदमा निवासी प्रसन्जीत नाहा पर आरोप है कि उसने खनन विभाग, आयकर विभाग और कृषि विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाते हुए कुल 9 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की।
अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने अभियुक्त प्रसन्जीत नाहा को विधिवत गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह लंबे समय से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कांड में प्रयुक्त एक एचपी कंपनी का लैपटॉप, खनन एवं भूविज्ञान विभाग, कृषि विभाग और जीएसटी विभाग की फर्जी मुहर, कई जॉब ऑफर लेटर तथा उम्मीदवारों के अंक पत्र बरामद किए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रसन्जीत नाहा पूर्व में भी कई युवाओं से सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी कर चुका है। गिरफ्तार अभियुक्त की उम्र 39 वर्ष है और उसका स्थायी पता जोरहट, असम बताया गया है। कदमा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।
पुलिस की सतर्कता से एक बार फिर नौकरी के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है।

