
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर में आयोजित टाटा स्टील मेटेरियल नेक्स्ट के चौथे संस्करण की विजेता जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च की टीम ‘ब्रीथ एप्लाइड साइंस प्राइवेट लिमिटेड रही.
टीम में रक्षित राघवन बेलूर, शान के आर और हरिता आर नाथ शामिल थे. टीम ने सीओटू से मेथनॉल के सतत और किफायती उत्पादन के लिए एकीकृत तकनीक का समाधान प्रस्तुत किया, जिसके लिए इसे 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
इसके अलावा टीआईएफआर हैदराबाद की टीम ‘हाई एनर्जी जोन’, जिसने ‘उच्च-प्रदर्शन रिचार्जेबल जिंक-एयर बैटरी का विकास’ समाधान प्रदर्शित किया, ने प्रथम उपविजेता का स्थान हासिल किया. फर्स्ट रनर अप को 2.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला.
एनआईटी राउरकेला और आईआईटी गुवाहाटी को दूसरा पुरस्कार
एनआईटी राउरकेला की टीम ‘इंटरफेस आइकॉन’ और आईआईटी गुवाहाटी की टीम ‘ग्राफकॉन मैटेरियल्स’ ने ‘हाइड्रोजन स्टोरेज टैंक के लिए हाइब्रिड कंपोजिट’ और ‘ग्राफीन के समरूप फैलाव के माध्यम से सतत टिकाऊ जियोपॉलीमर कोटिंग’ समाधान प्रस्तुत किया.
इन्हें संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला. टीम इंटरफेस आइकन, जिसमें सत्यरूप पटनायक, बीएनवीएस गणेश गुप्ता और राजेश प्रस्टी शामिल थे, जबकि टीम ग्रेफेकॉन मैटेरियल्स में आर एस कृष्णा और नेहा सेठी शामिल थे. दोनों टीमों में से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला.
बेहतर रिस्पांस के लिए हम रोमांचित है-पीयूष गुप्ता
विजेताओं को बधाई देते हुए, पीयूष गुप्ता, वाइस प्रेसीडेंट, ग्रुप स्ट्रेटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड सप्लाई चेन, टाटा स्टील ने कहा कि देश के युवा इनोवेटर्स से मेटेरियल नेक्स्ट 4.0 को मिली प्रतिक्रिया से हम रोमांचित हैं.
आज दिखाए गए समाधान उत्कृष्ट थे और हमें विश्वास है कि उनके पास उद्योग में एक महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता है. टाटा स्टील में हम खुले नवाचार और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सामग्री नेक्स्ट नवाचार और उद्यमिता की इस भावना को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्ट मंच है.
इस पहल का हिस्सा बनने और इन महत्वाकांक्षी इनोवेटर्स को मेंटरशिप, फंडिंग और मार्गदर्शन प्रदान करने पर हमें गर्व है.
शेष चार टीमों को 25 हजार रूपए का नकद पुरस्कार
शीर्ष आठ में शेष चार टीमों ने अपने अभिनव समाधान और विचारों का प्रदर्शन करने के लिए 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार जीता. मैटेरियलनेक्स्ट के इस संस्करण में 158 अंतिम सक्रिय विचारों के साथ भारत भर के 40 से अधिक संस्थानों से पंजीकरण प्राप्त हुए.
‘अनुसंधान’ या ‘स्टार्ट-अप’ ट्रैक के माध्यम से विभिन्न उप-क्षेत्रों में प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे. ग्रैंड फिनाले के जूरी में प्रोफेसर बी एल वी प्रसाद (निदेशक, सीईएनएस-बैंगलोर), प्रो. ए एम कुठे (प्रोफेसर, वीएनआईटी-नागपुर), डॉ. रामानुज नारायण (निदेशक, आईएमएमटी-भुवनेश्वर), पीयूष गुप्ता (वीपी, ग्रुप स्ट्रेटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड सप्लाई चेन, टाटा स्टील) शामिल थे.


