
उदित वाणी, जमशेदपुर: पिछले दिनों कोल्हान विश्वविद्यालय ने आंतरिक स्रोत से उपलब्ध फंड से लाखों की किताबें ख़रीदी. कलेजों को भी ये किताबें मिलीं. इस दौरान यह बात सामने आई की केयू वित्तीय संकट से जूझ रहा है.
कोल्हान विश्वविद्यालय के साथ साथ इसके अंगीभूत कॉलेजों में वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न होने लगी है. इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर है. साथ ही कालेजों को आगाह कराते हुए खर्च को नियंत्रित करने का निर्देश देने का निर्णय लिया है. इस संबंध में विश्वविद्यालय जल्द ही कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि वित्तीय अनुशासन बरकरार रहे.
खाता बही खर्च का ब्यौरा आदि सब कुछ अपडेट रखना होगा. इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन की भी विशेष नजर रहेगी. दरअसल पिछले 2 वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय समेत कॉलेजों के आंतरिक स्रोत से प्राप्त आय की अपेक्षाकृत बचत नहीं हो पा रही है.
यह राशि विश्वविद्यालय ए अकाउंट से खर्च होती है. इस अकाउंट में बचत कम है. जबकि वैसे शिक्षक जो सेवानिवृत्ति के बाद विश्वविद्यालय अथवा कॉलेजों में रखे गए हैं उन्हें आंतरिक स्रोत जाने के अकाउंट से ही भुगतान किया जाता है. इसके अलावा इस अकाउंट से अन्य खर्च भी किए जाते हैं.
जानकारी के अनुसार कालेजों और विश्वविद्यालय के आंतरिक स्रोत से आय में खासी वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन खर्च बढ़ा है. सिर्फ सेवानिवृत्त शिक्षकों के मानदेय की बात की जाए, तो इसके लिए आंतरिक स्रोत के अलावा अन्य कोई मदद नहीं है.
जबकि अस्थाई एवं घंटी आधारित शिक्षकों को भुगतान के लिए सरकार की ओर से आवंटन प्राप्त होता है. वित्तीय अनुशासन बनाए रखने को लेकर, कॉलेजों को विश्वविद्यालय की ओर से जल्दी निर्देश जारी किया जाएगा. इसे लेकर पिछले दिनों वित्त समिति की बैठक में चर्चा भी हुई थी. साथी कॉलेजों को निर्देश जारी करने का निर्णय लिया गया था.
जानकार बताते हैं कि इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है जल्द ही कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिया जाएगा.

