
उदित वाणी, जमशेदपुर: टायो मामले में सोमवार को एनसीएलटी कोलकाता में सुनवाई हुई. सुनवाई में अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा दायर रिजोल्यूशन प्लान का विरोध करते हुए कहा कि यह रिजोल्यूशन प्लान कानून सम्मत नहीं है.
यह रिजोल्यूशन प्लान सबसे पहले टायो कंपनी के रूग्ण होने के कारणों की जांच नहीं करता, जो कंपनी के पुनर्रूद्धार के लिए अनिवार्य है. उन्होंने आगे बताया कि यह रिजोल्यूशन प्लान “लाभकारी कारोबार वाला संस्थान” के बुनियादी सिद्धांत का भी उल्लंघन करता है क्योंकि “लाभकारी कारोबार वाला संस्थान” के सिद्धांत के अनुसार कंपनी का अधिग्रहण इसके तमाम परिसंपत्तियों, लेनदारी और मजदूरों के साथ होता है जबकि यह रिजोल्यूशन प्लान मजदूरों को एक मुश्त राशि देकर उसे हटाने की बात करता है.
मजदूरों की वोटिंग का अधिकार कम
अधिवक्ता ने आगे बताया कि रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) ने फर्जीवाड़ा कर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का तथाकथित 366 करोड़ का दावा मंजूर कर लिया जबकि यह टायो का लेनदार है ही नहीं.
इतना ही नहीं रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने और भी फर्जीवाड़ा करते हुए झारखंड बिजली वितरण निगम को 90 फीसदी वोटिंग का अधिकार दिया और मजदूरों को 7 फीसदी वोटिंग अधिकार दिया जबकि मजदूरों का दावा सबसे अधिक है और उनका वोटिंग अधिकार 90 फीसदी होना चाहिए.
2000 के पहले से बकाया चला आ रहा
झारखंड बिजली वितरण निगम के दावे को टायो ने अपने बैंलेंस सीट में आकस्मिक देनदारी दिखाया है जिसका कानूनन अलग से मूल्य निर्धारण करना पड़ता है जिसे रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने फर्जीवाड़ा कर नहीं किया है.
उन्होंने आगे बताया कि झारखंड बिजली वितरण निगम का कोई बकाया है भी तो वह देनदारी टाटा की है न कि नये इनवेस्टर की. झारखंड बिजली वितरण का बकाया टायो पर 2000 से पहले से चला आ रहा है. अतः यह लिमिटेशन कानून के अनुसार भी इनका दावा खारिज हो जाता है.
350 एकड़ जमीन पर कब्जा करना मकसद
आगे बताया कि टाटा ने फर्जीवाड़ा कर टायो कंपनी को रूग्ण घोषित किया ताकि वह इसके 350 एकड़ जमीन पर गैरकानूनी तरीके कब्जा कर सके जिसे अप्रोप्रियेट ऑथोरिटी, झारखंड सरकार ने अपने आदेश में खुलासा किया है.
अतः इसके बैलेंस सीट की जांच करवानी जरूरी है. रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने टाटा स्टील के साथ मिलकर इस कंपनी को बर्बाद कर दिया और उसने रिजोल्यूशन प्रक्रिया को शुरू ही नहीं होने दी. अब अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी.

