
उदित वाणी, जमशेदपुर: नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर के नये निदेशक डॉ.गौतम सूत्रधार ने कहा कि वे एनआईटी जमशेदपुर को अगले पांच साल में देश के टॉप-50 इंजीनियरिंग संस्थानों में लाने की ईमानदार कोशिश करेंगे.
यह काम टीम वर्क के जरिए होगा. सोमवार को संस्थान में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनका पूरा जोर संस्थान के सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर होगा. डॉ.सूत्रधार ने कहा कि संस्थान का हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर (बिल्डिंग) ठीकठाक है, हमारा जोर संस्थान के शिक्षकों की क्वालिटी बढ़ाने के साथ ही संस्थान में ज्यादा से ज्यादा रिसर्च (पीएचडी), पेपर पब्लिकेशन, साइटेशन और पेटेंट के लेवल को बेहतर करना होगा. संस्थान की बहुत अच्छी रैंकिंग नहीं होने की वजह यह है कि परसेप्शन में संस्थान की रैंकिंग खराब है.
यही नहीं रिसर्च और क्वालिटी टीचरों के स्तर को भी बेहतर करना होगा. इतने पुराने संस्थान के होने के बावजूद इसकी चाहरदीवारी की समस्या अभी सुलझ नहीं पाई है. ऐसे में हमारी पूरी कोशिश होगी कि ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संस्थान को पांच साल दिया जाय. उम्मीद है कि इसमें सबका सहयोग मिलेगा.
पीएचडी स्टूडेन्ट्स को कैंपस में रहकर करनी होगी पढ़ाई
डॉ.गौतम सूत्रधार ने बताया कि एनआईटी की बेहतर रैंकिंग नहीं होने की एक वजह यह है कि संस्थान के पीएचडी के छात्र बाहर में रहकर पढ़ाई करते हैं. हम अगले सत्र से इन छात्रों को संस्थान में ही रहकर पढ़ाई करने को अनिवार्य बना देंगे.
इसके अलावा संस्थान की एल्युमनी को और मजबूत बनाने के साथ ही जो सीनियर शिक्षक हैं, उन्हें भी सिस्टम में लाने की कोशिश करेंगे. इन्क्लूसिव एप्रोच रहेगा, जहां संस्थान का हर छात्र और शिक्षक एनआईटी को बेहतर बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ देगा.
पहले निदेशक, जिनका दूसरा टर्म है
डॉ. सूत्रधार, एनआईटी जमशेदपुर के पहले ऐसे निदेशक है, जो पहले किसी एनआईटी में रह चुके हैं. अब तक जितने निदेशक आए हैं, वे पहली बार यहां एनआईटी में निदेशक बन कर आए थे.
बकौल डॉ.सूत्रधार, मेरे पास एनआईटी मणिपुर में निदेशक के रूप में काम करने का पांच साल का अनुभव है. इससे मुझे काम करना आसान रहेगा, क्योंकि मुझे एनआईटी के सिस्टम के बारे में पता है. एनआईटी मणिपुर जैसे नये संस्थान को मैंने अपने पांच साल के कार्यकाल में सीमित संसाधनों में भी बेहतर रैंकिंग देने की कोशिश की. बेहतर शिक्षकों के साथ संस्थान का रिसर्च, साइटेशन और पेपर पब्लिकेशन में बेहतर स्थान रहा.
फाउंड्री तकनीक के विशेषज्ञ
फाउंड्री तकनीक में देश के अग्रणी विशेषज्ञ डॉ.सूत्रधार ने कहा कि जमशेदपुर और झारखंड उनके लिए नया नहीं है. टाटा स्टील में काम करने के साथ ही आदित्यपुर की कई फाउंड्री के लिए कन्सलटेन्सी का काम किया है.
यही नहीं बीआईटी मेसरा रांची से उनका पीएचडी रहा है. निजी तौर पर भी जमशेदपुर हमेशा आना जाना रहा.

