
उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय जाने के पहले मीडिया से भी बातचीत करते हुए केन्द्र, ईडी व राज्यपाल को जमकर कोसा. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री हूं.
संवैधानिक पद पर बैठा हूं. लेकिन ईडी द्वारा ऐसे समन भेजा गया है। जैसे मैं देश छोड़कर भागनेवाला हूं. वहीं उन्होंने केंद्र पर उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया तथा राज्यपाल की कार्यशैली की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यपाल साजिश रचने वालों का साथ दे रहे है.
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा भेजी गई चिट्ठी पर राज्यपाल अब तक मौन हैं. कई बार मांगने पर भी इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई. मीडिया के हवाले से पता चला कि राज्यपाल द्वारा उनकी विधायकी को लेकर दोबारा मंतव्य मांगी गई है.
हेमंत सोरेन ने कहा कि साहिबगंज में 1000 करोड़ के अवैध खनन के मामले में मुझे समन किया गया है. लेकिन इसका आधार कैसे बना यह समझ से परे है. इतने बड़े घोटाले के लिए कितना खनन हुआ होगा, इसपर सोचने की जरूरत है.
यह आरोप कहीं से संभव नहीं है. जांच एजेंसी को विस्तृत जानकारी हासिल करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सब सरकार को अस्थिर करने का प्रयास है और राज्यपाल सरकार गिराने की कोशिश में लगे लोगों को संरक्षण दे रहे हैं. वहीं मुख्यमंत्री ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि आनेवाले दिनों में सत्ता के कुछ और विधायकों के घर रेड होगी.
मुझे इसकी जानकारी मिली है. जांच एजेंसियों को हमें परेशान करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकार बनने के बाद से ही उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है.

