
उदित वाणी, रांची: अवैध खनन घोटाला मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से लगभग साढ़े नौ घंटे तक लंबी पूछताछ करने के बाद रात नौ बजकर 38 मिनट पर छोड़ा.
इस बीच हेमंत सोरेन ने दोपहर का लंच ईडी कार्यालय में ही लिया. मुख्यमंत्री के लिए उनके घर से खाना ईडी कार्यालय लाया गया था. बताया गया कि उनके लिए दोपहर के खाने में रोटी, चावल, दाल व सब्जी भेजी गई थी. मुख्यमंत्री को लेने उनकी पत्नी कल्पना सोरेन स्वयं ईडी कार्यालय गई थी तथा ईडी द्वारा पूछताछ के बाद छोड़े जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ बाहर निकले और अपने काफिले के साथ सीधे मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हुए.
बताया गया है कि हेमंत सोरेन से पूछताछ के लिए ईडी द्वारा लगभग 26 सवाल किये गए और कई कागजातों की मांग की गई. हेमंत के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के घर से मिले दस्तावेज समेत अन्य बिषयों पर सवाल पूछे गये.
ईडी के संयुक्त निदेशक समेत तीन अधिकारियों की टीम द्वारा हेमंत से अवैध खनन मामले से संबंधित सवाल किया गया. ईडी की ओर से उन्हें नौ नवंबर को समन जारी किया गया था. समन के बाद मुख्यमंत्री गुरुवार को दिन के 11.53 बजे ईडी के समक्ष पेश हुए. वहीं ईडी कार्यालय से निकलने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि पूछताछ के दौरान मुख्यमंत्री ईडी के अधिकांश सवालों को टालते रहे.
जबकि कुछ सवालों पर उन्होंने कहा इसके बारे में बाद में जानकारी दे पायेंगे. वहीं मुख्यमंत्री ने प्रेम प्रकाश को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्हें जानने से इंकार किया. इधर झामुमो महासचिव सुप्रियो भटटाचार्य ने कहा कि अच्छे माहौल में पूछताछ हुई. उन्होंने कहा कि ईडी के सभी सवालों का जबाब दिया जायेगा.
इधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ को लेकर ईडी कार्यालय के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. रांची जिला प्रशासन द्वारा आसपास के इलाके में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी तथा ईडी कार्यालय के बाहर लगभग 200 सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी.
ताकि किसी तरह की भी गलत गतिविधि उत्पन्न ना हो और राजनीतिक दल के कार्यकर्ता शक्ति प्रदर्शन न कर सके. शुक्रवार को मुख्यमंत्री यूपीए विधायकों के अलावा पार्टी नेताओं से भी बातचीत करेंगे.
मुख्यमंत्री के साथ पूछताछ को लेकर गुरूवार को दिन भर राजनीतिक गहमागहमी का माहौल रहा. दोपहर मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री को ईडी कार्यालय तक छोड़ने उनके भाई विधायक वसंत सोरेन व प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू गये थे. निषेधाज्ञा लागू होने की वजह से हेमंत ने रोड शो नहीं किया और अपने काफिले के साथ ईडी कार्यालय गए.

