
उदित वाणी, जमशेदपुर: तपती गर्मी में झारखंड के सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है. स्कूली शिक्षा एवं सक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने शिक्षकों के वेतनमद में 19 अरब 48 करोड़ 83 लाख 92 हजार तीन सौ रुपये आवंटित कर दिए हैं.
इस आवंटन में पूरे प्रदेश में सर्वाधिक आवंटन पूर्वी सिंहभूम जिले को प्राप्त हुआ है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक चंद्रशेखर ने इसकी जानकारी सभी उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक को दी है. राजकीयकृत प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए गैर योजना मद में वेतन के लिए 19 अरब 48 करोड़ 83 लाख 92 हजार तीन सौ रुपये जारी किया गया है.
वेतन मद में पूर्वी सिंहभूम को एक अरब 53 करोड़ 15 लाख 74 हजार 500 रुपये आवंटित किए गए हैं. आवंटन आदेश में निदेशक ने लिखा है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 और इसके पूर्व का बकाया वेतन के भुगतान के संबंध में संतुष्ट होकर ही किया जाय, परंतु 15 नवंबर, 2000 के पूर्व के बकाया वेतन का भुगतान इस राशि से नहीं किया जाय.
अपवाद रूप से उच्च न्यायालय के न्यायादेश से आच्छादित मामलों में 15 नवंबर, 2000 के पूर्व के बकाया वेतन का भुगतान नियमानुसार किया जायेगा. आदेश में कहा गया है कि यह लगातार पाया गया है कि विभिन्न जिलों में अनुमान्यता से अधिक वेतन और भत्ते (यथाः मकान किराया भत्ता आदि ) का भुगतान किया जाता है.
कालांतर में उसकी वसूली का प्रयास किया जाता है, जिससे न्यायिक वाद उत्पन्न होते हैं. अनुमान्यता अधिक भुगतान किए गए राशि की पूर्ण वसूली संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/जिला शिक्षा अधीक्षक से की जाएगी.
आदेश के मुताबिक अंतिम वेतन प्रमाण पत्र पर अंकित अग्रिम का सामंजन करेंगे. अनापत्ति प्रमाण पत्र अंतिम वेतन प्रमाण पत्र पूर्ण संतुष्ट होने के उपरांत निर्गत करेंगे. विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं के लिए उपलब्ध कराई गई असामंजित अग्रिम राशि की वसूली नियमित वेतन से की जाय.
सेवानिवृति लाभ से उक्त राशि की कटौति में आ रही कठिनाईयों के आलोक में अग्रिम की वसूली प्राथमिकता के आधार पर की जाय. सरकार द्वारा आवास अग्रिम / मोटर कार अग्रिम किसी अन्य प्रकार का अग्रिम इत्यादि दिया गया हो या अंतिम वेतन प्रमाण पत्र पर अंकित हो, तो उसकी वसूली भी लागू परिपत्र / नियमों के आलोक में की जाय तथा वित्त तथा स्थापित नियमावली का पालन सुनिश्चित किया जाय.
कोल्हान विश्वविद्यालय के शिक्षकों का वेतन अटका
कोल्हान विश्वविद्यालय के शिक्षकों का मार्च माह का वेतन अटक गया है. सरकार से नए वित्तीय वर्ष में आवंटन नहीं मिलने के कारण उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जा पा रहा है.
चूंकि कोल्हान विवि के कुलपति प्रो. गंगाधर पंडा का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है, इसलिए राजभवन से उनके वित्तीय अधिकार पर रोक लगा दी गई है. इस कारण वे आंतरिक स्रोत से भी शिक्षकों को वेतन भुगतान की फाइल को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं. इस कारण 600 से अधिक शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों का इस माह वेतन अटक गया है. विश्वविद्यालय वेतन भुगतान के लिए रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे है.

