
उदित वाणी जमशेदपुर : उपायुक्त के निर्देश पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में विभिन्न मदों से संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, सांसद-विधायक निधि तथा सीएसआर फंड से संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान पुल-पुलिया, पहुंच पथ, पीसीसी सड़क, पेयजल एवं जलापूर्ति योजनाएं, स्कूलों में अतिरिक्त कमरा व शौचालय निर्माण तथा कल्वर्ट निर्माण जैसी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। कार्य में किसी प्रकार की बाधा आने की स्थिति में तकनीकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ योजनाएं निर्धारित समयावधि के बाद भी पूरी नहीं हुई हैं। इस पर उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित अभियंता अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं का समय पर धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा संवेदकों की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई करें।

नीति आयोग से प्राप्त राशि से 200 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य का सत्यापन कर संबंधित एजेंसी को नियमानुसार भुगतान करने का निर्देश दिया गया। साथ ही साल पत्ता प्लेट व कप उत्पादन यूनिट, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, ट्रांसजेंडर और महिलाओं के लिए फूड कार्ट, लाइब्रेरी सह रिसोर्स सेंटर तथा सरकारी स्कूलों में रसोई घर निर्माण जैसे कार्यों की भी समीक्षा की गई।
सीएसआर योजना के तहत 100 चापाकल अधिष्ठापन कार्य को मध्य अप्रैल तक पूरा कर नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित एजेंसी को दिया गया।
डीएमएफटी मद से विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा करते हुए अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूरा करने, भूमि विवाद की स्थिति में अंचल कार्यालय से समन्वय स्थापित कर कार्य प्रारंभ करने तथा नई स्वीकृत योजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर समय पर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
सांसद और विधायक निधि से स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने क्रियान्वयन में तेजी लाने, निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारंभ कराने तथा पूर्ण योजनाओं का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी सुदिप्त राज सहित एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण, जिला परिषद तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

