
उदित वाणी, रांची: नई शराब नीति के तहत खुदरा शराब की बिक्री में राजस्व में भारी कमी आई है. खुदरा शराब बिक्री के लिए नियुक्त मानव प्रदाता एजेंसी द्वारा अक्टूबर माह में बिक्री लक्ष्य की प्राप्ति नहीं की गई और राज्य सरकार द्वारा मानव प्रदाता एजेंसियों पर नियमानुसार 18.22 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है तथा इसकी वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
वहीं नवंबर माह तक के कुल लक्ष्य 1600 करोड़ रुपये के विरुद्ध एजेंसी द्वारा अबतक राज्य कोषागार में सिर्फ 1084 करोड़ रुपए ही जमा कराया गया है. जो कि माह नवंबर तक के लक्ष्य का लगभग 68 प्रतिशत है.
सोेमवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में नई उत्पाद नीति के तहत राजस्व संग्रहण एवं इसकी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा के दौरान इसका खुलासा हुआ हैं. इसके बाद लक्ष्य के विरूध्द कम राजस्व वसूली को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जतायी और उत्पाद दुकान संचालकों से कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर कार्यशैली में सुधार लाएं अन्यथा राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.
गौरतलब है कि राज्यपाल रमेश बैस ने भी आठ बिन्दुओं पर आपत्ति जताते हुए नई शराब नीति को सरकार को वापस लौटा दिया है. लिहाजा मुख्यमंत्री ने भी कहा कि राजस्व में वुध्दि करने के लिए ही नई शराब नीति बनाया गया है.
उन्होंने मानव प्रदाता एजेंसी के सभी प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त हिदायत दिया कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें एवं लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति करने के सभी सार्थक प्रयास करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पाद राजस्व संग्रहण का जो बार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे अगले 4 महीनों के भीतर हर हाल में पूरा करें.
15 दिनों बाद फिर होगी समीक्षा, सुधार नहीं होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों के अंदर इनके कार्यों की फिर समीक्षा की जाएगी एवं स्थिति में यथोचित सुधार नहीं होने पर सभी एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रहण में शिथिलता बरतने वाले एजेंसियों, थोक विक्रेताओं एवं पदाधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा.
मॉनिटरिंग सिस्टम करें विकसित
वहीं मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खुदरा उत्पाद दुकानों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी खुदरा मदिरा दुकानों में किसी भी प्रकार से अवैध शराब की बिक्री न हो यह सुनिश्चित करें. शराब के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें.
उत्पाद दुकानों के बाहर लगायें रेट लिस्ट
सभी खुदरा उत्पाद दुकानों के बाहर रेट लिस्ट डिस्प्ले लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर शराब की बिक्री करने की शिकायतें सुनने को मिली है. जिसपर कार्रवाई सुनिश्चित करें.
अवैध शराब एवं सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों में हेरफेर करने वाले माफिया तथा दुकानदारों पर सख्त नजर रखें. एक्साइज कंट्रोल रूम को सशक्त बनाएं. आम जनता का शिकायत मिलने पर विभाग तथा संचालक संयुक्त रूप से शिकायतों की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करें.
उन्होंने झारखंड राज्य विबरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को भी निर्देश देते हुए कहा कि वे तकनीकी आधारभूत संरचना तथा विनिर्माणशालाओं में बूम वैरियर एवं दुकानों में सीसीटीवी अधिष्ठापन की कार्रवाई को शीघ्रता पूर्ण कराएं.
ताकि राजस्व क्षरण का कोई भी बिंदु अणछुआ न रहे. जबकि मुख्यमंत्री ने दुकान संचालकों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उत्पाद दुकानों में कार्यरत कर्मियों का बकाया वेतन भुगतान 15 दिसंबर तक अवश्य करें.

