
उदित वाणी, जमशेदपुर : न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जमशेदपुर के व्यवहार न्यायालय परिसर में 16 जून से 20 जून 2025 तक एक विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाया गया. इस पहल का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य फैमिली कोर्ट में लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन था.
डालसा सचिव धर्मेन्द्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान फैमिली कोर्ट के कुल 75 मामलों का निष्पादन किया गया. इनमें से 02 मामलों को रिवीजन की श्रेणी में लिया गया, जबकि बाकी मामलों का समाधान पारस्परिक सहमति या न्यायालयीय हस्तक्षेप से संभव हुआ.
धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि “यह स्पेशल ड्राइव न्यायालयों में लंबित मामलों को शीघ्र निष्पादित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है. इससे न केवल मामलों के निपटारे में तेजी आई है, बल्कि न्यायालयों पर बोझ भी कम हुआ है.”
उन्होंने आगे बताया कि ऐसी पहलें न केवल न्याय प्रणाली में आम लोगों का विश्वास मजबूत करती हैं, बल्कि इससे आम नागरिकों को न्याय सुलभ और शीघ्र मिल पाता है. इस ड्राइव में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ.
डालसा सचिव के मुताबिक, भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियानों को नियमित अंतराल पर आयोजित करने की योजना है ताकि न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित और जनहितकारी बनाया जा सके.
ज्ञात हो कि फैमिली कोर्ट में लंबित मामले अक्सर वर्षों तक चलते रहते हैं, जिससे पक्षकारों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी परेशानी होती है. इस विशेष अभियान से उन परिवारों को राहत मिली है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे.
डालसा द्वारा चलाया गया यह अभियान एक सकारात्मक संकेत है कि न्यायालय और विधिक सेवा संस्थाएं जनहित के मामलों में अब तेजी से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
