
उदित वाणी, जमशेदपुर : पोटका प्रखंड के चाटीकोचा गांव में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास को लेकर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित हुई. बैठक में जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों के साथ यूसीआईएल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बेनाशोल बना पुनर्वास स्थल, मूलभूत सुविधाओं का खाका तैयार
बैठक में निर्णय लिया गया कि चाटीकोचा के विस्थापित परिवारों को मुसाबनी प्रखंड के बेनाशोल में पुनर्वासित किया जाएगा. उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्वास स्थल पर भूखंड, आवास, बिजली, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. साथ ही सामाजिक व सामुदायिक ढांचे जैसे सामुदायिक भवन, सड़क, विद्यालय आदि की व्यवस्था भी की जाए.
योजना निर्माण और भावनात्मक सरोकार पर विशेष ज़ोर
उपायुक्त ने यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर पुनर्वास प्रोजेक्ट का प्रारूप एवं प्राक्कलन तैयार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए. इस रिपोर्ट में विस्थापित परिवारों की बुनियादी ज़रूरतों के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए.
समन्वय और संवेदनशीलता से हो पुनर्वास प्रक्रिया
बैठक में उपायुक्त ने स्थानीय प्रशासन और यूसीआईएल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीणों की वाजिब मांगों, ज़रूरतों और भावनाओं को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि पुनर्वास की यह प्रक्रिया शीघ्र, संतुलित और संवेदनशील होनी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा या उपेक्षा का अनुभव न हो.
बैठक में रहे अनेक पदाधिकारी उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र, मुसाबनी और पोटका अंचल अधिकारी तथा यूसीआईएल के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे. सभी ने अपने-अपने स्तर से प्रक्रिया को सुचारु और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए.

