
उदित वाणी, जमशेदपुर: नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (एनएमएल)जमशेदपुर में मंगलवार को प्रदर्शनी का उदघाटन हुआ. भारत सरकार के वन वीक, वन लैब के तहत अपने तकनीकी नवाचारों और आविष्कारों को प्रदर्शित करने के लिए इस प्रदर्शनी को लगाया गया है.
“एनएमएल एक नज़र में” नामक इस प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. देबाशीष भट्टाचार्जी, उपाध्यक्ष, प्रौद्योगिकी और नई सामग्री व्यवसाय, टाटा स्टील, जमशेदपुर द्वारा किया गया. मौके पर डॉ. अवनीश के. श्रीवास्तव, निदेशक, सीएसआईआर-एनएमएल भी मौजूद थे. वन वीक वन लैब कार्यक्रम और प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों, उद्योगों, एमएसएमई और आम जनता सहित अपने हितधारकों से जुड़ना है.
प्रदर्शनी में इसके योगदान के विभिन्न डोमेन को कवर करने वाले लगभग 80 तकनीकी पोस्टर दर्शाए गए हैं. एनएमएल प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण, व्यावसायीकरण के लिए तैयार एनएमएल प्रौद्योगिकियां, परिष्कृत उपकरण/उच्च अंत उपकरण, सामाजिक चुनौतियों को हल करने के लिए अनुसंधान एवं विकास समाधान, रणनीतिक क्षेत्रों (रक्षा/एयरोस्पेस/अंतरिक्ष आदि) के लिए अनुसंधान एवं विकास, निर्णायक औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास/समाधान, अन्य प्रभावशाली गतिविधियां/परिणाम से संबंधित तकनीकी पोस्टर और आविष्कारों का लाइव प्रदर्शन किया गया है.
शो में सीएसआईआर-एनएमएल के युवा वैज्ञानिकों द्वारा भविष्यवादी विचारों का एक सेट भी प्रस्तुत किया गया है. आगन्तुकों को इस आयोजन की एक स्थायी स्मृति प्रदान करने के लिए सेल्फी प्वाइंट स्थापित किया गया है. प्रदर्शनी 28 अप्रैल तक सुबह 10.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुली रहेगी.
तकनीक विकास में अग्रणी रहा है एनएमएल
सीएसआईआर-एनएमएल वन वीक वन लैब (ओओओओएल) कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ‘जिज्ञासा: स्कूली छात्र-वैज्ञानिक बातचीत’ कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया गया. इस कार्यक्रम में कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति गंगाधर पांडा और सीएसआईआर-एनएमएल के पूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने भाग लिया.
सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने प्रयोगशाला द्वारा किए गए विभिन्न शोध गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला. डॉ. अनिमेष, वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रोजेक्ट लीडर, सीएसआईआर ने जिज्ञासा कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों का सारांश दिया.
डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने सीएसआईआर-एनएमएल और इसकी विरासत के बारे में बात की. उन्होंने विगत वर्षों में विभिन्न तकनीकी विकास और अग्रणी कार्यों के माध्यम से हमारे राष्ट्र के विकास में सीएसआईआर के योगदान का भी उल्लेख किया है.
जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत कक्षा कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के लगभग 300 छात्रों ने भाग लिया. ये स्टूडेन्ट्स विद्या भारती चिन्मया विद्यालय, एनएमएल-केरला पब्लिक स्कूल, सिस्टर निवेदिता गर्ल्स हाई स्कूल (हिंदी माध्यम), सिस्टर निवेदिता इंग्लिश स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, जमशेदपुर, बीपीएम प्लस हाई स्कूल और खालसा हाई स्कूल बर्मामाइंस के थे.
छात्रों और शिक्षकों ने प्रयोगशाला की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया और सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का आनंद लिया. उन्होंने वैज्ञानिकों से भी बातचीत की और उनकी रुचि की विशिष्ट गतिविधियों के बारे में भी जाना.
हैकथॉन में विद्यार्थियों का दिखा नवाचार
“प्रौद्योगिकी चुनौती हैकथॉन” नामक एक अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में झारखंड के जमशेदपुर और उसके आसपास के आठवीं-बारहवीं कक्षा के स्कूली छात्रों ने भाग लिया.
55 संभावित प्रविष्टियों में से 21 टीमों को अंतिम दौर की प्रस्तुति के लिए चुना गया था. लगभग 41 छात्रों ने अपने शिक्षकों और सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों के साथ अंतिम दौर में भाग लिया. “क्वेस्ट ऑफ़ स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सोसाइटी” विषय पर प्रतिभागियों द्वारा वैज्ञानिक विचारों पर आधारित प्रस्तुतियां दी गईं.
वैज्ञानिकों के एक पैनल में डॉ. स्नेहाशीष त्रिपाठी, डॉ. विनोद बेलवंशी, रोशन कुमार और गौरव बंसल ने भाग लिया. बीपीएम प्लस हाई स्कूल बर्मामाइंस की नंदनी और अभिषेक पहले स्थान पर रहे.
केरला समाजम मॉडल स्कूल गोलमुरी के अरिंदम पात्रा और साहिल कुमार साहा दूसरे जबकि लिटिल फ्लावर स्कूल टेल्को के आदित्य कर्मकार और प्रेरित सिंह तीसरे स्थान पर रहे.


