
उदित वाणी, जमशेदपुर : गोविंदपुर थाना क्षेत्र के जनता मार्केट देव नगर में रहने वाली 13 वर्षीय श्रेया राज की मौत से पूरे इलाके में शोक छा गया है। श्रेया चिन्मया विद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को स्कूल में पेरेंट-टीचर मीटिंग आयोजित की गई थी। मीटिंग के दौरान शिक्षकों ने श्रेया के व्यवहार और स्कूल में बदमाशी की शिकायत पर परिजनों से बात की। बताया जा रहा है कि इन बातों से वह मानसिक रूप से काफी आहत हो गई थी।
घर लौटने के बाद श्रेया की मां पड़ोसी के घर गई हुई थीं। उसी दौरान मौका देखते हुए श्रेया ने घर में रखे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने तुरंत उसे टाटा मोटर्स अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन 18 अक्टूबर को श्रेया ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधन द्वारा गोविंदपुर पुलिस को दी गई।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 19 अक्टूबर को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और मोहल्ले में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
गोविंदपुर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का है, हालांकि बच्ची ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकें। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है।
यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों की भावनाओं को समझना और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाना कितना आवश्यक है। छोटी-सी बात भी बच्चों के लिए बड़ी हो सकती है, जिसे समय पर समझना जरूरी है।

