
– सभी Stakeholders को NGT द्वारा नदी के प्रदूषण पर लिए गए संज्ञान से कराया गया अवगत, नालों के पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही नदी में छोड़े जाने का निर्देश
– खैरबनी में डंपिंग को लेकर जेएनएसी को रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश
उदित वाणी, जमशेदपुर: स्वर्णरेखा नदी के जल में उद्योग व अन्य स्रोतों से होने वाले प्रदूषण पर एनजीटी द्वारा संज्ञान लिया गया है. नदी के पानी की स्वच्छता बनाये रखने हेतु प्रशासनिक इंतजामों पर विस्तृत चर्चा को लेकर उपायुक्त विजया जाधव ने संबंधित पदाधिकारियों एवं अन्य स्टेक होल्डर के साथ समाहरणालय सभागार में बैठक की. बैठक में SDM धालभूम पीयूष सिन्हा, निदेशक DRDA सौरभ सिन्हा, प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी, तीनों नगर निकाय के प्रतिनिधि, जुस्को, टाटा मोटर्स व अन्य स्टेकहोल्डर मौजद रहे.
उपायुक्त ने प्रदूषण बोर्ड को नदी के जल में उद्योग से होने वाले प्रदूषण को लेकर एक विस्तृत सर्वे रिपोर्ट बनाकर समर्पि
त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं तीनों नगर निकाय क्षेत्र से नदी में गिरने वाले नालों के गंदे पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही छोड़े जाने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि नदी के पानी में नालों से प्लास्टिक, कपड़े या अन्य सॉलिड वेस्ट बहकर नहीं जाएं इसे सभी नगर निकाय सुनिश्चित करेंगे. एसटीपी पर विशेष रूप से फोकस करने तथा सभी नालों में जाली लगाकर सॉलिड वेस्ट को अलग करने का निर्देश दिया गया.
वहीं खैरबनी में निर्माणाधीन कचड़ा डंपिंग यार्ड की प्रगति की भी जानकारी ली गई. उपायुक्त द्वारा विशेष पदाधिकारी जेएनएसी को अधतन रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश दिया गया है कि कब तक खैरबनी में डंपिंग शुरू हो सकेगा, किन कारणों से देरी हो रही है.

