
उदित वाणी, जमशेदपुर : ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत पोटका प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), आसनबनी में प्रसव सेवा की शुरुआत हो गई है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार यह पहल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
पहला सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
पीएचसी, आसनबनी में रविवार को पहली बार एक महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया, जिसमें एक बालिका शिशु का जन्म हुआ। चिकित्सकों ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं। यह न केवल चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता को दर्शाता है बल्कि ग्रामीण माताओं के लिए एक नई उम्मीद का संकेत भी है।
उपायुक्त का संकल्प: हर महिला को मिले समुचित स्वास्थ्य सुविधा
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर गांव की हर महिला को अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले। प्रसव जैसी जीवन रक्षक सेवा को ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता रही है और इसे और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।”
सिविल सर्जन ने बताया – पूरी तैयारी, पूरी सुविधा
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि अब आसनबनी पीएचसी में सुरक्षित प्रसव की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक दवाएं, उपकरण और आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि “इस सेवा से आसनबनी और आसपास के गांवों की महिलाओं को प्रसव के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सुरक्षित मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य की दिशा में यह बड़ा कदम है।”
प्रशासन की पहल से ग्रामीणों में उमंग, स्वास्थ्य केंद्र बना उम्मीद की किरण
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रसव सेवा की शुरुआत पर खुशी और संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें प्रसव जैसी जरूरी सेवाओं के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकती है, जो संसाधनों के अभाव में समय पर इलाज नहीं ले पाती थीं।

