
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित समाहरणालय कार्यालय कक्ष में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सभी प्रखंडों और नगर निकायों के नोडल पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की. इस बैठक में प्रत्येक शनिवार को वरीय पदाधिकारियों द्वारा किए जाने वाले क्षेत्र भ्रमण की चर्चा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिए कि क्षेत्र भ्रमण केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि उसका मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जब आप क्षेत्र भ्रमण पर जाएं तो कम से कम एक समस्या का समाधान ज़रूर करें, ताकि लोगों को प्रभावी लाभ मिल सके”. उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने और फीडबैक लेने पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन जनता के अनुभवों से ही संभव है.
विकास योजनाओं पर दोहरा फोकस
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एक शनिवार क्षेत्र भ्रमण किया जाए और अगले शनिवार उस क्षेत्र में चल रही योजनाओं की गहन समीक्षा की जाए. समीक्षा में केवल उन्हीं योजनाओं को शामिल किया जाए, जिनमें प्रखंडों की भूमिका निर्णायक हो. उन्होंने कहा कि “कोई भी महत्वाकांक्षी योजना राज्य औसत से पीछे न रहे”.
निरीक्षण प्रपत्र में सभी विभागों की वर्तमान प्राथमिकताओं को शामिल करने का निर्देश भी दिया गया. साथ ही, सभी बीडीओ को सप्ताह में एक दिन जन शिकायत निवारण दिवस आयोजित करने को कहा गया, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके.
श्रेष्ठ कर्मियों को मिलेगा सम्मान
आगामी जिला समन्वय समिति की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा. उपायुक्त ने नोडल पदाधिकारियों से ऐसे कर्मियों की पहचान करने का आग्रह किया जो क्षेत्र भ्रमण के दौरान अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं.
कागज़ी प्रक्रिया नहीं, जमीनी असर हो जरूरी
उपायुक्त सत्यार्थी ने दोहराया कि पंचायत क्षेत्र भ्रमण की प्रक्रिया केवल कागज़ी दस्तावेज़ तक सीमित न रह जाए. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया जनकल्याणकारी होनी चाहिए और इसके ज़रिए कम से कम एक समस्या का समाधान ज़रूर किया जाए.
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी राहुल आनंद, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, डीसीएलआर घाटशिला व धालभूम, भू अर्जन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी धालभूम व घाटशिला, जिला खेल पदाधिकारी सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

