
उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने लोगों को खासा परेशान किया है। जहां कुछ इलाकों में हल्की बारिश ने राहत दी, वहीं कई स्थानों पर तेज धूप और गर्मी का सामना करना पड़ा। गढ़वा जिले में सर्वाधिक 58.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पतरातू में केवल 5 मिमी बारिश हुई। रांची में भी दिनभर की तेज धूप के बाद शाम को मौसम सुहाना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में मॉनसून ट्रफ बिहार से होकर गुजर रहा है, जिससे झारखंड में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी कमजोर पड़ गया है। इसका असर यह हुआ है कि आगामी दो दिनों में बारिश की संभावना कम रहने की संभावना है, लेकिन वज्रपात (आकाशीय बिजली) का खतरा अभी भी बना हुआ है।
वज्रपात के संभावित खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए अलर्ट जारी किया है। अलर्ट में हल्की बारिश और आंशिक बादलों के बीच बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
गोड्डा जिले में पिछले कुछ दिनों में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं, पूरे राज्य में इस मॉनसून सीजन में अब तक 1200 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो कि सामान्य से 36% अधिक है। झारखंड के कई इलाकों जैसे पूर्वी सिंहभूम, लातेहार, रांची, धनबाद और सरायकेला खरसावां में भारी बारिश हुई है, जिसने बारिश के रिकॉर्ड को तोड़ा है।
हालांकि, बारिश के साथ-साथ तेज धूप ने भी लोगों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में झारखंडवासियों के लिए मौसम की यह बदलती मिजाज अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

