
# राष्ट्रीय महाधिवेशन में पहली बार हिस्सा ले रहे जिले के कांग्रेसियों में दिख रहा भारी उत्साह
# संगठन की मजबूती को सीखे वरीय नेताओं के टिप्स, आक्रामक रहेगी आगे की रणनीति
उदित वाणी, जमशेदपुर: छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे कांग्रेस पार्टी के 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन में हिस्सा लेने पूर्वी सिंहभूम जिले से भी दर्जन भर से ज्यादा नेता गए हुए हैं.
इनमें से कई तो पहली बार पार्टी के महाधिवेशन में हिस्सा ले रहे हैं. कुछ पुराने कांग्रेसी पहले भी हिस्सा ले चुके हैं. पहली बार शामिल होनेवाले कांग्रेसियों में अधिवेशन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. कई नेताओं ने फोन पर उदित वाणी से बात की. सबसे कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने का टिप्स लेकर वेलोग रायपुर से लौटेंगे.
पार्टी को 1980 के दशक वाला रुतबा वापस दिलाने के लिए काम करेंगे. इसी संकल्प से साथ उनकी जिले में वापसी होगी.
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि इस क्रम में पहला काम हाथ से हाथ जोड़ो अभियान को प्रभावी तरीके से चलाना होगा. 31 मार्च तक हर शहर-गांव-टोले के प्रत्येक घर में पहुंचकर राहुल गांधी के संदेश को दिया जाएगा.
साथ ही मोदी सरकार के खिलाफ पार्टी द्वारा तैयार की गयी चार्जशीट से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा. यानी कांग्रेस की विचारधारा का पूरे जिले में आक्रामक तरीके से प्रचार किया जाएगा.
इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए यह अधिवेशन मील का पत्थर साबित होगा. कांग्रेस की विचारधारा से जोडऩे का मंत्र लेकर हम अधिवेशन से लौटेंगें. जिले में पुराने कांग्रेस संगठन जैसा हम पार्टी को मजबूत बनाएंगे.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन में पहली बार हिस्सा ले रहें कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष धमेन्द्र सोनकर ने कहा कि कांग्रेस के अभिभावक तुल्य नेताओं के साथ का अनुभव काफी उत्साह देने वाला है.
हम युवा कांग्रेसियों में संगठन को मजबूत बनाने के लिए उत्साह का संचार हुआ है. इसी तरह एसएस रईस रिजवी छब्बन का कहना है देश में कांग्रेस ही भाजपा का राजनीतिक विकल्प हैं. हमारे नेता राहुल गांधी के संबोधन का हमे बेसब्री से इंतजार हैं. राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा ले कर हम काफी उत्साहित हैं. संगठन को मजबूत करने की हमें प्रेरणा मिली है.
जबकि पुराने कांग्रेसी व जुगसलाई निवासी झारखंड कांग्रेस के प्रदेश सचिव केके शुक्ला का कहना है कि राष्ट्रीय महाधिवेशन में हिस्सा लेने का हमें 25 वर्षो का अनुभव हैं. वे 25 वर्षो से कांग्रेस के सभी अधिवेशनों में भाग लेते आए हैं. देश में राजनीतिक स्थिरता के लिए कांग्रेस का सत्ता में आना जरुरी हैं.
जिले से ये कांग्रेसी हुए शामिल : अशोक चौधरी, आनंद बिहारी दुबे, धर्मेन्द्र सोनकर, प्रिंस सिंह, के के शुक्ला, रियाजुद्धिन खान, महेन्द्र मिश्र, फिरोज खान, एसएस रई रिजवी छब्बन, अफसर ईमाम, रामाश्रमय प्रसाद सिंह, रविन्द्र झा व तसलीमा नसरीन आदि.
रामगढ़ उपचुनाव के कारण चारों मंत्री नहीं गए
रामगढ़ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य सरकार में शामिल अपने चारों मंत्रियों आलमगीर आलम. रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता व बादल पत्रलेख को रायपुर महाधिवेशन में नहीं आकर रामगढ़ में ही कैंप करने को कहा था.
चारों मंत्रियों को यह संदेश पार्टी के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय ने दिया था. इसी कारण से चारों मंत्री रायपुर नहीं जा सके. वे लोग रामगढ़ उप चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं.


