
पूछताछ के दौरान ईडी के संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी रहेंगे मौजूद
उदित वाणी, रांची: साहिबगंज जिले में अवैध खनन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए गुरूवार को ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूर्वाहन 11.30 बजे बुलाया गया है.
हेमंत से पूछताछ के दौरान दिल्ली मुख्यालय स्थित ईडी के क्षेत्रीय निदेशक कपिल राज निगरानी रखेंगे. जबकि ईडी के समन के बाद मुख्यमंत्री सोरेन बेहद आक्रामक तेवर अपनाये हुए हैं और राज्य में सियासी भूचाल आने की आशंका को लेकर यूपीए घटक दलों के विधायकों के साथ मैराथन बैठकें करने लगे हैं.
बैठक के दौरान हेमंत सोरेन के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई होने पर उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी गंभीर विमर्श किया जा रहा है. गुरूवार को ईडी के समक्ष पेश होने के पहले सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने आावास में प्रेस को भी संबोधित करेंगे.
वहीं बताया गया है कि सुबह एक बार फिर यूपीए घटक दलों के विधायकों के साथ भी मुख्यमंत्री बैठक करेंगे. सभी विधायकों को रांची में ही रहने के निर्देश दिया गया है. बैठक के बाद हेमंत सोरेन के रोड शो करते हुए ईडी कार्यालय तक जाने की भी बात कही गई है. रोड शो में यूपीए घटक दलों के विधायकों-सांसदों समेत बड़ी संख्या में झामुमो के नेता-कार्यकर्ताओं के भी शामिल होने की संभावना है.
बताया गया है कि हेमंत सोरेन से पूछताछ के विरोध में झामुमो द्वारा बड़ी रैली भी आयोजित किया जायेगा. झामुमो ने राज्य में बड़ी रैली और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.
ईडी की छापामारी में हेमंत सोरेन से संबंधित मिले हैं दस्तावेज
इधर ईडी ने राज्य के डीजीपी को पत्र लिखकर ईडी दफ्तर के बाहर समुचित सुरक्षा व्यवस्था व कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. जिसके तहत 17 नवंबर को काफी संख्या में पुलिस व अर्ध सैनिक बलों की तैनाती की जाएगी.
ज्ञात हो कि अवैध खनन व मनी लॉड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा कई बार छापामारी की गई है और छापेमारी के दौरान हेमंत सोरेन से संबंधित ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुआ है. जिसमें मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर युक्त बैंकों की चेकबुक, पासबुक, हेमंत सोरेन के हस्ताक्षर हैं. महत्वपूर्ण दस्तावेज ईडी द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपी पंकज मिश्रा आवास से बरामद हुआ है.
सियासी हलचल के बीच भाजपा के पूर्व विधायक ने झामुमो का थामा दामन
इधर राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा समेत चार नेताओं ने मुख्यमंत्री सोरेन के समक्ष झामुमो का दामन थामा. बताया गया है कि वर्मा कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद से खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे.
जबकि वर्मा गांडेय विधानसभा से बर्ष 2015 में भाजपा के टिकट से विधायक बने थे. लेकिन 2019 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. बताया गया है कि वर्मा अब झामुमो के टिकट से कोडरमा लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. वर्मा के साथ बगोदर क्षेत्र के शत्रुघ्न मंडल व राजद के प्रदेश महासचिव विजय महतो अपने-अपने समर्थकों के साथ झामुमो में शामिल हुए.
षडयंत्रकारियों को एक-एक करके देखा लूंगा-हेमंत
वर्मा को पार्टी में शामिल कराते हुए मुख्यमंत्री ने आक्रामक तेवर में कहा कि राज्य में कुछ पनडुब्बी बाहर निकलने की कोशिश में हैं. उन्हें भरपूर जवाब मिलेगा.
षडयंत्रकारियों को पता है कि अगर हेमंत सोरेन पांच साल टिका रहा तो बाहर से आकर राजनीति करनेवाले लोगों को टिकने नहीं देगा. उन्होंने झामंमो कार्यकर्ताओं को आहवान करते हुए कहा कि अब आप लोगों को जवाब देना है. आपलोग डटकर खड़े रहिए. मैं इन सबको आज हमें एक लड़ाई और लड़नी है राज्य लिया अब राज्य के विकास के लिए लड़ना होगा.
इसके लिए राज्य के मूलवासी व आदिवासी को एक छत के नीचे आना होगा.

