
उदित वाणी, जमशेदपुर: गाड़ियों को लेकर ऐसी दीवानगी आपने नहीं देखी होगी. और अगर बाइक में यामाहा की बात हो तो इसके दीवाने आज भी मिलते हैं. ऐसे ही एक दीवाने हैं रोहित सिंह.
गोपाल मैदान में शनिवार 25 फरवरी को शुरू हुई क्लासिक और विंटेज कार तथा बाइक प्रदर्शनी में रोहित ने अपनी बाइक को प्रदर्शित किया है. जमशेदपुर एफसी के साथ जुड़े रोहित की दीवानगी का आलम यह है कि उन्होंने अपनी आरडी 350 यामाहा बाइक के साइलेंसर खरीदने को 20 हजार में खरीदा. वह भी बड़ी मुश्किल से मिली.
बकौल रोहित, पुरानी गाड़ियों के स्पेअर्स पार्ट्स मिलना बेहद मुश्किल होता है. मैंने अर्नाकुलम से केवल साइलेंसर मंगाया. उसके लिए 20 हजार रूपए देने पड़ें. यह शौक काफी खर्चीला है.
मगर दीवानगी के सामने पैसे की कोई कीमत नहीं होती. मेरे पास दो क्लासिक बाइक हैं. 1957 की बीएसएस बी 12 और 1985 की यामाहा आऱडी 350. दोनों फंक्शनल है और मैं अकसर इन वाहनों से ऑफिस आता हूं. दादा भी वाहनों के शौकीन थे. दादाजी के 1967 की बुलेट आज भी उनके पास हैं और गांव में चल रही है.
इन वाहनों को बच्चों की तरह पालना होता है. अच्छी बात यह है कि मेरी इन दोनों गाड़ियों के पेपर्स भी अप टू डेट है और इसका 2027 तक का रजिस्ट्रेशन है. रोहित बताते हैं कि विेंटेज गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए दूसरे राज्यों में अलग से सीरिज होता है. यहां भी आने वाले सालों में शुरू होने की संभावना है.
घर को गेराज बना दिया है ब्रिगेडियर प्रदीप कुमार झा ने
ब्रिगेडियर प्रदीप कुमार झा की कहानी और भी निराली है. गाड़ियों के शौक ने घर को गेराज बना दिया है. उनके पास 10 पुरानी बाइक-स्कूटर के साथ 1958 की जीप है, जिसे आज भी ब्रिगेडियर झा ने बड़े संभाल कर रखा है.
बकौल ब्रिगेडियर झा, मेरे बड़े भाई ने 1965-66 में तीन फेंटाबुलस स्कूटर को रखा था. यह स्कूटर सेल्फ स्टार्टर था. फौज में रहा, जहां जो गाड़ियां खरीदी या मिली, उसे रखता गया. आज मेरे पास 10 बाइक और एक जीप है. घरवालों की शिकायत रहती है कि घर को गेराज बना रखा है. रखने को जगह नहीं है. मगर शौक ऐसी कि अभी भी हर साल 50 हजार रूपए खर्च कर इन्हें मेन्टेन्ड रखता हूं.
गाड़ियों के सामान नहीं मिलते. कई बार ऑनलाइन ऑर्डर करने पर पैसे डूब जाते हैं क्योंकि ऑनलाइन फ्रॉड ज्यादा होते हैं. बताते हैं कि उनके पास ये सामान है. पैसे देने के बाद वे फिर भेजते नहीं. मेरे पास येजडी के रोड किंग के अलावा क्लासिक, क्लास टू, यामाहा 350, लैब्रेटा, जीटीएस-175, राजदूत, इंफिल्ड का मोपेड, लूना और हीरो पुक है.
इस प्रदर्शनी में मैंने जीटीएस-175, लैब्रेटा और विल्स जीप को प्रदर्शित किया है.


