
उदित वाणी,जमशेदपुर: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ‘स्कूल ऑफ हेल्थ एंड एलाइड साइंस’ के द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका विषय था ‘आई केयर एंड क्योर’. इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता एएसजी हॉस्पिटल के ऑपरेशन मैनेजर शुभम सिंह थे. उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें अपनी आंखों को सुरक्षित रखने के लिए 3 से 6 महीने में पूरी जांच करवाते रहना चाहिए. कोविड के दौरान भी ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ा है. प्रत्येक 3 से 4 घण्टे में हमे 20 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए ताकि आंखों को थोड़ा आराम मिलता रहे.
जब आप एयरकंडीशनर कमरे से बाहर निकलते है तो बाहर के वातावरण का असर भी आपकी आंखों पर पड़ता है. कभी कभी सामान्य जांच से आपके आंखों की तकलीफ की पूर्ण जानकारी नही मिल पाती है इसलिए आंखों की सम्पूर्ण जांच पर ध्यान देना चाहिए. भारत मे मधुमेह के रोगियों की संख्या भी बढ़ी है जिस वजह से भी आंखों की समस्या बढ़ रही है. लैपटॉप और फोन के अत्यधिक उपयोग के वजह से भी आंखों पर बुरा असर पड़ता है. युवा वर्ग में यदि आंखों की समस्या हो तो वे यदि क्युलेसिक लेजर प्रक्रिया को पूरा कर ले तो उन्हें तब तक चश्मे की जरूरत नही पड़ती है जब तक उन्हें मोतियाबिंद की शिकायत न हो जाय. इस कार्यशाला में शिक्षक और विद्यार्थियों के आंखों की पूरी जांच भी की गई. इस कार्यशाला में फहीम काज़मी, नजमुल हसन, मोहम्मद इमरान, आनंद कुमार तथा गौरव कुमार का योगदान रहा.

