
उदितवाणी, रांची: खनन व मनरेगा घोटाले में आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के फंसने के बाद अब एक दूसरे आईएएस अबू इमरान डिस्ट्रिक्ट मिनिरल्स फाउंडेशन ट्रस्ट [डीएमएफटी] घोटाले में फंसते नजर आने लगे.
अबू इमरान फिलवक्त चतरा के उपायुक्त हैं. उनके खिलाफ लातेहार में उपायुक्त के पद पर रहते डीएमएफटी की राशि की अवैध ढंग से निकासी करने और एक खास समुदाय को मदद करने का भी आरोप लगाया गया है. इसकी शिकायत ग्रामीणों ने पलामू प्रमंडलीय आयुक्त से की थी और मामला मुख्यसचिव तक पहुंचा.
इसके बाद राज्य सरकार के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने प्रमंडलीय आयुक्त से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है. अबू इमरान पर लातेहार डीसी रहते हुए तालाब निर्माण कराये बिना ही लाखों रुपए की निकासी का आरोप है तथा उपायुक्त समेत इंजीनियर व ठेकेदारों पर डीएमएफटी की राशि की बंदरबांट करने का आरोप है.
बताया गया है कि डीएमएफटी की राशि से पंचायतों में तालाबों का निर्माण कराया गया. जिसके तहत उपायुक्त ने 20-20 लाख रुपए के तालाब बनाने का काम बिना टेंडर निकाले अपने लोगों को दे दिया.
बताया गया है कि लातेहार जिले के माल्हन पंचायत में 19.50 लाख रुपए से तालाब निर्माण की मंजूरी दी गई. लेकिन वहां तालाब निर्माण को लेकर एक इंच मिट्टी की भी खुदाई नहीं की गई और 10 लाख रुपए की निकासी कर ली गई. इसी तरह गनियारी गांव में भी 19.61 लाख रुपए में तालाब निर्माण की मंजूरी दी गई.
लेकिन वहां बारीटांड नदी के बगल में एक गड्ढा खोदा गया और इसके नदी के एक किनारे में मेढ़ बना दी गई और 9.80 लाख रुपए निकाला गया. यही नहीं जमीन मालिक शिबू उरांव, मजदूरों व ट्रैक्टर मालिकों का भुगतान भी नहीं किया गया.
