
साइबर अपराधियों ने फिर दो लोगों को बनाया अपना शिकार
उदित वाणी, जमशेदपुर: जिला पुलिस के लाख दावों के बावजूद साइबर अपराधियों का कारनामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. दो लोगों के बैंक खाते से कुल 2 लाख 37 हजार की ठगी हुई है. आजादनगर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति को क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा देकर साइबर अपराधियों एक लाख 63 हजार की ठगी कर ली, वहीं बिजली बिल काटने का डर दिखाकर सोनारी की एक महिला के बैंक खाते से 74 हजार रुपये उड़ा लिए.
एनी डेस्क ऐप डाउनलोड कराकर लगाया चूना
आजादनगर थाना क्षेत्र के जाकिरनगर क्रॉस रोड नंबर 10 के रहने वाले जियाउल मुस्तफा खान को 19 जुलाई की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे मोबाइल नंबर-9934872092 से कॉल आया. फोन करनेवाले ने उन्हें बताया कि वह एसबीआइ क्रेडिट कार्ड से बोल रहा है. साथ ही जियाउल मुस्तफा को उसने कहा कि उनका क्रेडिट कार्ड अपडेट नहीं है.
उसने जियाउल मुस्तफा को तुरंत कार्ड अपडेट करने की बात कही. इसे वे भी कॉल करनेवाले के झांसे में आ गए. उसके बाद उनके मोबाइल पर ऐनी डेस्क ऐप डाउनलोड कराते हुए साइबर ठग ने नौ डिजिट का आइडी समेत जानकारियां मांगी. इस जानकारी को जियाउल मुस्तफा ने कॉल करनेवाले से साझा कर दिया. फिर क्या था-देखते ही देखते उनके बैंक खाते से एक के बाद एक पांच बार में कुल 1.63 लाख रुपये की निकासी हो गयी.
उसके बाद उन्हें भी समझ में आ गया कि वे साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं. उन्होंने बिष्टुपुर स्थित जमशेदपुर साइबर थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
व्हाट्सऐप मैसेज देख कॉल बैक करना पड़ा भारी
इधर, सोनारी की रहनेवाली सविता नागराजन को मोबाइल पर आये बिजली बिल बकाया होने का मैसेज पढऩे के बाद उस नंबर पर कॉल बैक करना भारी पड़ा. उन्हें 19 जुलाई को मैसेज भेजकर बताया गया था कि उनका बिजली बिल बकाया है. जल्द जमा नहीं करने पर उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा.
इस पर उन्होंने संबंधित नंबर पर कॉल बैक किया तो कॉल रिसीव करनेवाले ने उन्हें मोबाइल पर टीम व्यूवर ऐप डाउनलोड करने को कहा. फिर रिक्वेस्ट भेजते हुए रुपये पेड करने को कहा. उसके बाद क्या था-पहले उनके बैंक खाते से 49 हजार रुपये की निकासी हुई, फिर थोड़ी देर बाद खाते से 25 हजार रुपये भी उड़ गए. मामला साइबर थाना पहुंचते ही पुलिस जांच में जुट गई है.
बताने की जरूरत नहीं है कि इस तरह की साइबर ठगी के एक के बाद एक लगातार मामले शहर में सामने आ रहे हैं. इन मामलों पर अंकुश लगाने के लिए साइबर पुलिस लोगों को लगातार जागरूक भी कर रही है. बावजूद इसके लोग आये दिन साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं.

