
उदित वाणी चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका और बगान गुलगुलदा के बीच स्थित जंगल और पहाड़ी इलाके से 6 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने जानकारी दी कि माओवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से पहले ही इन विस्फोटकों को वहां लगाया था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से इन आईईडी को जंगल में ही निष्क्रिय कर दिया गया।
एसपी ने यह भी बताया कि क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभी जारी है, और सुरक्षा बल सतर्कता के साथ इलाके की निगरानी कर रहे हैं।
क्या होते है आईईडी विस्फोटक
इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) एक तरह का बम ही होता है. IED का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नुकसान करता है. IED ब्लास्ट होते ही मौके पर अक्सर आग लग जाती है, क्योंकि इसमें घातक और आग लगाने वाले केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. खासकर नक्सली सड़क के किनारे IED को लगाते हैं, ताकि इसके पांव पड़ते या गाड़ी का पहिया चढ़ते ब्लास्ट हो जाता है. IED ब्लास्ट में घुआं भी बड़ी तेजी से निकलता है.
इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) एक तरह का बम ही होता है. IED का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नुकसान करता है. IED ब्लास्ट होते ही मौके पर अक्सर आग लग जाती है, क्योंकि इसमें घातक और आग लगाने वाले केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. खासकर नक्सली सड़क के किनारे IED को लगाते हैं, ताकि इसके पांव पड़ते या गाड़ी का पहिया चढ़ते ब्लास्ट हो जाता है. IED ब्लास्ट में घुआं भी बड़ी तेजी से निकलता है.
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