
* एसबीआई और बीएसएनएल में हुआ काम
* लगभग 500 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
उदित वाणी, जमशेदपुर : सेंट्रल ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा की ओर से गुरूवार को आहूत हड़ताल का असर शहर के कई प्रतिष्ठानों पर दिखा. टाटा स्टील समेत शहर की कंपनियों पर हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा. केंद्र सरकार की चार श्रम संहिता और अन्य नीतियों के खिलाफ आहूत देशव्यापी हड़ताल का असर बैंकों के कामकाज पर रहा. वैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अधिकतर शाखाओं में कामकाज सामान्य हुआ. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिष्टपुर शाखा के गेट पर सुबह 9 बजे से केंद्रीय ट्रेड यूनियन के लोग नारेबाजी और पर्चा का वितरण करते रहे. इसी बीच बैंक प्रशासन द्वारा पुलिस को सूचित किया गया.
पुलिस के साथ केंद्रीय ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने बातचीत की और उन्हें बताया कि आज पूरे देश में श्रमिकों की हड़ताल है और इसी क्रम में हम स्टेट बैंक के समक्ष अपना प्रदर्शन और कर्मचारियों से अपील कर रहे हैं कि वे हड़ताल में शामिल हो. स्टेट बैंक के समक्ष केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने 11 बजे तक गेट जाम किया. इसी बीच बैंक में आने वाले ग्राहक हड़ताल का बैनर देखकर वापस चले गए. फिर 11 बजे से केंद्रीय ट्रेड यूनियन एटक, सीटू, शिक्षक संघ, बैंक कर्मचारी यूनियन, एलआईसी कर्मचारी संगठन, सीमेंट कामगार यूनियन, टाटा पावर मजदूर यूनियन, बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन, राजपत्रित कर्मचारी यूनियन, बीएसएसआर के नेता और सदस्य सैकड़ों की संख्या में डीसी ऑफिस के समक्ष जुबिली पार्क गेट के समक्ष इकट्ठा हो गए.
उपस्थित मजदूर लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ, चार लेबर कोर्ट के खिलाफ, बैंक, एलआईसी, जीआईसी, रेलवे, डिफेंस में निजीकरण, एलआईसी में 100 प्रतिशत एफडीआई, माइंस को निजी हाथों में देने के खिलाफ, महंगाई- बेरोजगारी के खिलाफ, दैनिक वेतन में वृद्धि की मांग, सरकारी बैंक, एलआईसी, जीआईसी, सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने की मांग,पर लगातार नारेबाजी करते रहे. दोपहर 12 बजे से जुबिली पार्क के समक्ष रोड जाम कर दिया, जिसके कारण लंबा जाम लग गया. स्कूल की छुट्टी के समय पूर्व जाम हटा दिया गया ताकि बच्चों एवं आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े.
शहर के अधिकतर बैंक, एलआईसी, जीआईसी में संपूर्ण हड़ताल रहा. बैंकों में हड़ताल से लगभग 5 से 6 सौ करोड़ का कार्य प्रभावित हुआ. विभिन्न बैंकों के 150 के लगभग ब्रांच बंद रहे. हड़ताल को एटक के अंबुज ठाकुर, हीरा अरकने, सीटू के विश्वजीत देब, संजय कुमार, अराजपत्रित कर्मचारी यूनियन के सुभाष यादव, शर्मिला ठाकुर, बीएसएसआर के पीयूष गुप्ता, झारखंड मजदूर यूनियन की पिंकी सिंह, एलआईसी के गिरीश ओझा एवं सेंट्रल ट्रेड यूनियन के विभिन्न नेताओं से संबोधित किया. हजारों की संख्या में मजदूर और कर्मचारी शामिल हुए.
आयकर कर्मचारी संघ ने आधे दिन का हड़ताल रखा
आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ ने केन्द्रीय मुख्यालय, दिल्ली के आह्वान पर विभाग के कर्मचारियों के कल्याण एवं सेवा शर्तों से संबंधित अपनी लंबे समय से 20 सूत्रीय मांगों के समर्थन में संयुक्त रूप से आधे दिन की हड़ताल की घोषणा की. यह हड़ताल 8 वें केंद्रीय वेतन आयोग के तत्काल गठन एवं क्रियान्वयन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं उनके सेवा संबंधी नियमों के विनियमन सहित अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों को लेकर बुलाई गई है.
महासंघ के नेताओं ने कहा कि प्राधिकरणों को बार-बार ज्ञापन देने और चर्चाएं करने के बावजूद इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि वेतन संशोधन में देरी और पेंशन सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता के कारण कर्मचारी बढ़ती हुई वित्तीय और व्यावसायिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. मुख्य मांगों में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के अनुरूप वेतनमान एवं भत्तों में संशोधन हेतु 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की तत्काल घोषणा और क्रियान्वयन शामिल है.
कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली, दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा उनकी सेवा शर्तों और नौकरी की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नियमों का निर्माण.लंबित कैडर पुनर्गठन तथा अन्य विभागीय मुद्दों का समाधान, जो कर्मचारियों के मनोबल और कार्यकुशलता को प्रभावित कर रहे हैं. संघ के प्रतिनिधियो ने कहा कि यह हड़ताल कर्मचारियों की सामूहिक और लोकतांत्रिक चिंता की अभिव्यक्ति है, जो निरंतर समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं.
उन्होंने दोहराया कि हड़ताल का निर्णय सभी उपलब्ध संवाद माध्यमों को अपनाने के बाद ही लिया गया है. कार्यक्रम को सफल बनाने में महासंघ के शाखा सचिव श्रीनिवास, झारखंड के सहायक सचिव प्रवीण चौहान, आईटीईएफ झारखंड के उपाध्यक्ष अविनाश कुमार, रीजनल सेक्रेटरी युगल किशोर मेहता, आयकर कर्मचारी महासंघ जमशेदपुर इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार कर्ण, शाखा सचिव गौरव कुमार, कोषाध्यक्ष बिरमल हांसदा, नितेश श्रीवास्तव, सुजीत कुमार, घनश्याम चौबे, बलराम रजक, नयन मंडल, त्रिलोचन हरपाल एवं अन्य ने हड़ताल सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.

