
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) के कैडेटों ने कोलकाता में संपन्न ओपन नेशनल स्पोर्ट क्लाइंबिंग चैंपियनशिप 2023 के दौरान कुल 24 पदक जीते.
युवा सेवा और खेल विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार के तत्वावधान में कोलकाता के पश्चिम बंगाल माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स फाउंडेशन (डब्ल्यूबीएमएएसएफ) द्वारा इस चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में 40 से अधिक टीएसएएफ एथलीटों ने भाग लिया.
ग्रासरूट विकास केंद्र ‘मस्ती की पाठशाला’ के एथलीटों ने दीवारों पर ऊँची चढ़ाई करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और पुरस्कार अर्जित किए. इसमें शामिल फॉरमेट लीड क्लाइम्बिंग और बोल्डरिंग थे. टीएसएएफ के एथलीटों ने सभी श्रेणियों में कुल 36 में से 24 पदक जीते. किड्स, सब-जूनियर, जूनियर और ओपन में एथलीटों और उनके कोचों के कठोर अभ्यास, दृढ़ता और दृढ़ इच्छा शक्ति देखने को मिला.
चंपा लामे ने किड्स केटेगरी में गोल्ड मेडल जीता
चैंपियनशिप में भाग लेने वाले सबसे कम उम्र के टीएसएएफ एथलीट की उम्र केवल आठ साल है. पुरस्कार विजेताओं को नकद पुरस्कार, मेडल और प्रमाण पत्र दिए गए.
एमकेपी एथलीट और टीम की सबसे कम उम्र की सदस्य चंपा लामे ने किड्स केटेगरी में गोल्ड मेडल जीता. सावित्री सामद ने सब-जूनियर बालिका वर्ग में दोनों स्वर्ण पदक जीते. सुदर्शन मुर्मू ने सब-जूनियर बालक वर्ग में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता. भोज बिरुआ ने जूनियर बालक वर्ग में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता. एक अन्य एमकेपी एथलीट मुन्नी पहाड़िया ने जूनियर बालिका वर्ग में एक स्वर्ण और रजत पदक जीता.
टीएसएएफ की पहल
टीएसएएफ इस नवोदित खेल में उन्हें चैंपियन बनाने के लिए जमीनी स्तर से प्रतिभाओं की तलाश कर रहा है. अत्याधुनिक बुनियादी संरचना और नई आईएफएससी मानक दीवारों के साथ यह संगठन नवोदित प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए तैयार है. कई सामुदायिक विकास केंद्रों में मॉड्यूलर दीवारें लगाई जा रही हैं.
उनका उद्देश्य ऐसे कई लोगों को प्रशिक्षित करना है जो अपने खेल के इतिहास में सबसे बेहतरीन होने के दावे के साथ अपने करियर को समाप्त कर देते है.

