
उदित वाणी, जमशेदपुर : बेल्डीह काली बाड़ी में 6 मार्च 2026 की शाम को रंगों, भक्ति और उत्सव की धूम मची रही, जब यहां पहली बार होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ. इस उत्सव में 120 से अधिक उत्साही भक्तों, समुदाय के सदस्यों और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया, जो भारत के सबसे रंगीन त्योहार होली की भावना में एकजुट हुए. आश्रम परिसर को सुंदर ढंग से सजाया गया था.
भगवा और बैंगनी बैकड्रॉप, पारंपरिक उत्सवी मोटिफ्स और गर्म शाम की रोशनी से पूरा वातावरण आध्यात्मिक और उत्सवी लग रहा था. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक बड़ा बैनर था, जिस पर हिंदी में कार्यक्रम का नाम बोल्ड अक्षरों में लिखा हुआ था. भक्त पारंपरिक भारतीय परिधानों में सजे हुए आए — सफेद कुर्ते, साड़ियां और लाल, नारंगी, सफेद तथा सुनहरे रंगों के दुपट्टे. कई लोगों के चेहरे और हाथों पर होली के रंगों की खुशी झलक रही थी, जो शाम भर की मस्ती का प्रमाण था.
कार्यक्रम में भक्ति भजन और होली-थीम वाली मधुर गीतों की प्रस्तुति ने सबके दिल को छू लिया. सभी भक्त एक साथ गाते हुए सामूहिक सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का अनुभव कर रहे थे. हर उम्र के लोग हंसी-मजाक, गले मिलने और होली की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान में डूबे रहे. यह आयोजन धार्मिक श्रद्धा और उत्सवी उल्लास का सुंदर मिश्रण था, जो होली के असली संदेश को दर्शाता है — बुराई पर अच्छाई की जीत, वैमनस्य पर प्रेम की विजय और विभाजन पर समुदाय की एकता.
इस अवसर पर बेल्डीह काली बाड़ी के डॉ. सुधाबिंदु भट्टाचार्य ने कहा कि यह रंगों का सुंदर त्योहार आपके जीवन में आनंद, शांति और समृद्धि भर दे. होली हमें नकारात्मकता को छोड़कर प्रेम, एकता और सद्भाव को अपनाने की याद दिलाती है.

