
उदित वाणी, जमशेदपुर: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी टाटा पावर ने अर्थ अवर 2023 को बढ़ावा देने के लिए वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) का समर्थन किया है.
जलवायु परिवर्तन और प्रकृति की हो रही हानि के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप टाटा पावर ने यह कदम उठाया है. मार्च महीने में टाटा पावर ने डिजिटल इलेक्ट्रिसिटी बिलों और संदेशों के ज़रिए अपने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि शनिवार 25 मार्च को रात साढ़े आठ से साढ़े नौ तक अभी गैर-ज़रूरी लाइट बंद रखकर इस पहल में अपना योगदान दें.
साथ ही दिल्ली, मुंबई और ओडिशा में महिला परिवर्तन एजेंट्स “आभा” के ज़रिए उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर समाज के सबसे निचले स्तर पर जागरूकता पैदा करने का काम भी कंपनी कर रही है.
टाटा पावर दिल्ली ने व्हाट्सअप ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स और सोसायटियों तक पहुंचकर लोगों को अर्थ अवर 2023 में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
अर्थ अवर एक प्रतीकात्मक लाइट्स ऑफ आंदोलन है
अर्थ अवर एक प्रतीकात्मक “लाइट्स ऑफ” आंदोलन है जो पृथ्वी के प्रति सामूहिक समर्थन को दर्शाता है. टाटा पावर के प्रवक्ता ने बताया कि अर्थ अवर हमारे लिए एक छोटा-सा रिमाइंडर है कि हम में से हर व्यक्ति छोटे बदलाव के जरिए पृथ्वी पर लक्षणीय प्रभाव डाल सकते हैं.
भारत की सबसे बड़ी एकीकृत कंपनी और नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी होने के नाते, टाटा पावर में हम स्त्रोत संरक्षण और स्थायी प्रथाओं का महत्त्व समझते हैं.
इस वर्ष अर्थ अवर में दुनिया भर के लोगों और समुदायों से परिवर्तन का वैश्विक क्षण बनाने के लिए एक घंटे का समय निकालने का आग्रह किया जा रहा है.
अर्थ अवर के आइकॉनिक स्विच-ऑफ में दुनिया भर के लैंडमार्क और घर हिस्सा लेते हैं, लोगों को उनकी दिनचर्या और रोज़मर्रा के कामों से ‘स्विच ऑफ’ करने और हमारे ग्रह के लिए कुछ सकारात्मक करने के लिए 60 मिनट बिताने का अनुरोध किया जा रहा है ताकि पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा घंटा बनाया जा सकें.

