
उदित वाणी, जमशेदपुर : बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित टाटा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की. समिति के कार्यकर्ताओं ने बर्मामाइंस क्षेत्र में बढ़ते धूल प्रदूषण, सड़क जाम, सड़क दुर्घटनाओं, अवैध पार्किंग और स्थानीय लोगों में फैल रहे भय के माहौल को लेकर गंभीर चिंता जताई.
समिति ने आरोप लगाया कि पिछले एक से डेढ़ वर्ष से *टाटा स्टील बर्मामाइंस प्रबंधन* द्वारा सड़क किनारे लगातार घेराबंदी की जा रही है, जिससे सड़क अत्यधिक संकीर्ण हो गई है. इसके कारण आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है और इसका सीधा असर टाटा स्टील कर्मियों, स्कूल जाने वाले बच्चों, एंबुलेंस के मरीजों और रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है. समिति ने चेतावनी दी कि यदि सड़क का शीघ्र विस्तारीकरण नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि *बर्मामाइंस बाजार के पास स्थित स्लैग प्वाइंट* से उठने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है. सड़क से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है. वहीं नुवोको सीमेंट कंपनी की गाड़ियां पुंज कंपनी परिसर में अवैध रूप से पार्क की जाती हैं और पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जाती है, जिससे पूरे मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है.
समिति ने यह भी आरोप लगाया कि *जुस्को* से जुड़े कुछ लोगों द्वारा लगातार बस्तियों को तोड़ने की धमकियाँ दी जा रही हैं, जिससे निवासियों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है. इसके अलावा बस्ती की मुख्य गलियों और रास्तों को बंद किए जाने से लोगों की आवाजाही भी बाधित हो रही है.
इन सभी मुद्दों को लेकर बर्मामाइंस के स्थानीय लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे 14 दिसंबर को “बस्ती बचाओ संघर्ष समिति” के बैनर तले एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना** देंगे. समिति ने आम जनता से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस आंदोलन को सफल बनाएं.

