
उदित वाणी, रांची: डाक्टरों ने चेताया तो स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रिम्स के मेडिकल ऑफिसर डा अनिश कुमार व सिस्टर इंचार्ज डा विद्या का सस्पेंशन 24 घंटे के अंदर वापस ले लिया.
वाकया शुक्रवार को रिम्स शासी परिषद् की 55वीं बैठक के दौरान शुरू हुई थी. शासी निकाय की बैठक शुरू होते ही आरोप-प्रत्यारोप के बीच रिम्स के निदेशक डा कामेश्वर प्रसाद ने कहा था कि अगर स्वास्थ्य मंत्री मेरे काम से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें पद से हटा दें. जिसके जबाब में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि अगर आप इस्तीफा देना चाहते हैं तो स्वयं दें तथा स्वास्थ्य मंत्री गुप्ता ने बैठक स्थगित कर दी.
इसके बाद बन्ना रिम्स के ट्रामा सेंटर स्थित सेंट्रल इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि मरीज के बेड में गंदी चादर बिछा है. जिसपर स्वास्थ्य मंत्री भड़क गए और उन्होंने सीएमओ व सिस्टर इंचार्ज को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश दिया.
इधर सस्पेंशन को लेकर शनिवार को डाक्टरों ने रिम्स अधीक्षक डा हीरेंद्र बिरुआ के कार्यालय का घेराव कर दिया और डाक्टरों ने कहा कि मरीजों को सुविधायें मुहैया कराना रिम्स प्रशासन की जिम्मेवारी है. डाक्टरों का काम इलाज करना है. मरीज के बेड का चादर बदलना नहीं.
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आनन फानन में कार्रवाई किये जाने से डाक्टर भड़क गए और शनिवार को सस्पेंशन से नाराज डाक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सीएमओ का सस्पेंशन वापस नहीं लिया गया, तो सोमवार से कार्य बहिष्कार कर देंगे. इसके अलावा डाक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ उनके कार्यालय में बैठक भी की.
डाक्टरों के धमकी के बाद बन्ना ने सस्पेंशन वापस ले लिया.

