
उदित वाणी, जमशेदपुर : साल के अंतिम दिन बैंक ऑफ इंडिया, जमशेदपुर मेन ब्रांच (बिष्टुपुर) में सोमवार को कॉइन मेला और नोट एक्सचेंज मेला का आयोजन किया गया. सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस विशेष मेले का उद्घाटन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल डायरेक्टर प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने फीता काटकर किया. सिंह ने मेले की सराहना करते हुए कहा कि आम जनता के बीच छोटे मूल्य के सिक्कों की उपलब्धता वित्तीय लेनदेन में सुगमता लाएगी और बाजार में चलन को संतुलित करेगी.
मेले में आम नागरिकों के लिए ₹20, ₹10 और ₹5 के सिक्कों का वितरण किया गया, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति व्यक्ति ₹5000 तय की गई थी. वहीं पुराने या फटे नोटों के बदले साफ-सुथरे नोट उपलब्ध कराए गए. बैंक के अधिकारियों ने बताया कि मेले का उद्देश्य छोटे सिक्कों की कमी से जूझ रहे व्यापारियों, दुकानदारों और आम लोगों को राहत उपलब्ध कराना था, ताकि बाजार में छुट्टे पैसों की समस्या कम हो सके.
मेले में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी. कई नागरिक अपने घरों में जमा खुरचे और बचे-खुचे सिक्के लेकर पहुंचे और उन्हें बदले में चलन योग्य नोट प्राप्त किए. वहीं छोटे नोटों की जरूरत रखने वाले लोगों ने भी इस अवसर का लाभ उठाया. कुछ दुकानदारों ने बताया कि छुट्टे की कमी के कारण उन्हें कई बार ग्राहकों को वापस करना पड़ता था, लेकिन मेला उनकी परेशानी दूर करने में कारगर साबित हुआ.
बैंक प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की योजना बनाई जाएगी, ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो और वित्तीय कार्यों में सुगमता बनी रहे. साल के अंतिम दिन आयोजित इस मेले ने लोगों को राहत देने के साथ ही वर्षांत को एक सकारात्मक अनुभव के साथ विदा किया.

