
उदित वाणी, जमशेदपुर : आजाद नगर थाना क्षेत्र के रोड नंबर 12 में रहने वाले अब्दुल रशीद और उनकी पत्नी शहला इन दिनों न सिर्फ अपने ऊपर हुए हमले से आहत हैं, बल्कि पुलिस की कथित निष्क्रियता ने उनकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि 7 जुलाई की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर में घुसकर न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि नकद 10 हजार रुपये भी लूट लिए. वहीं दूसरी ओर, पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से उनका भरोसा कानून-व्यवस्था से डगमगा गया है.
पीड़ित अब्दुल रशीद के अनुसार, 7 जुलाई की रात करीब साढ़े दस बजे कुछ लोग जबरन उनके घर में घुस आए और उन्होंने व उनकी पत्नी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. हमले में दोनों को गंभीर चोटें आई हैं. रशीद ने बताया कि मारपीट करने वाले लोग जाते-जाते घर में रखे 10 हजार रुपये भी अपने साथ ले गए. घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे.
रशीद ने बताया कि यह पूरी घटना उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी है. उन्होंने घटना के तुरंत बाद आजाद नगर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से आग्रह किया कि सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए. लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस ने अब तक न तो फुटेज देखा और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार किया.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित अब्दुल रशीद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मारपीट की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने हमलावरों के कहने पर उन्हीं के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर लिया. “हम पहले से ही दर्द और डर में हैं, ऊपर से पुलिस द्वारा हमारे ही खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई. ये न्याय नहीं, अन्याय है,” रशीद ने कहा.
रशीद और उनकी पत्नी शहला ने बताया कि घटना के बाद से वे बुरी तरह मानसिक तनाव में हैं. डर के कारण वे रात में ठीक से सो भी नहीं पा रहे. शहला का कहना है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो आम आदमी कहां जाएगा. उन्होंने कहा कि घटना के बाद से परिवार दहशत में जी रहा है और अब उन्हें पुलिस से भी डर लगने लगा है.
थाने से न्याय न मिलने पर अब्दुल रशीद ने शनिवार को जमशेदपुर के एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत की. उन्होंने एसएसपी से आग्रह किया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि उन पर दर्ज काउंटर केस की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि असली दोषियों को सजा मिल सके.
इस पूरे मामले में आजाद नगर थाना की भूमिका कई सवाल खड़े करती है. जब पीड़ित पक्ष लगातार सीसीटीवी फुटेज दिखाने की पेशकश कर रहा है, तो पुलिस उसे देखने से क्यों कतरा रही है? अगर पीड़ित पर ही केस कर दिया गया है, तो क्या इससे यह नहीं लगता कि पुलिस किसी दबाव में काम कर रही है?
वहीं मोहल्ले के ही मोहम्मद इमरान कहते हैं, “अगर सीसीटीवी फुटेज है तो पुलिस को उसे देखकर कार्रवाई करनी चाहिए. लेकिन लगता है कि पुलिस किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में है.”
इस पूरे मामले को लेकर जब आजाद नगर थाना के एक पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. हालांकि, नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद है और इसलिए दोनों पर केस दर्ज किया गया है.
