
उदित वाणी, जमशेदपुर : जिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों और बाल श्रम जैसे गंभीर सामाजिक विषयों पर आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने समाहरणालय परिसर से श्रमिक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह रथ श्रम विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुँचाएगा. प्रमुख योजनाओं में ई-श्रम पंजीकरण, निर्माण श्रमिक निबंधन, श्रमिक सेवा योजना, प्रवासी श्रमिक सहायता योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं. रथ के माध्यम से श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकारी सहायता से अवगत कराया जाएगा. उपायुक्त सत्यार्थी ने बाल श्रम को सामाजिक अपराध बताते हुए स्पष्ट किया कि इसके प्रति जिला प्रशासन की नीति शून्य सहिष्णुता की है. उन्होंने कहा कि “बाल श्रम का उन्मूलन केवल प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से ही संभव है.”
प्रशासनिक निर्देश और प्रचार की रणनीति
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह रथ जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में जाकर श्रमिकों से संवाद स्थापित करे. साथ ही ऑडियो-विजुअल माध्यमों, पंपलेट वितरण और व्यक्तिगत संवाद के ज़रिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए. रथ प्रस्थान के अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), नियोजन पदाधिकारी समेत कई अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे. सभी ने एकमत होकर इस पहल को श्रमिकों के कल्याण की दिशा में एक सार्थक कदम बताया.

