
उदितवाणी, रांची: केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री [स्वतंत्र प्रभार] डा जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय बजट को समावेशी और बहुमुखी समाज के सपनों को साकार करने वाला बजट बताया.
उन्होंने कहा कि एक तरफ यह बजट समाज की हर वर्ग की आकांक्षा को पूरा करने वाला है. वहीं दूसरी ओर अमृत काल के इस बजट में अगले 25 साल में भारत के पूरे विश्व की अगुवाई करने का खाका भी खींचा गया है. बजट में महिलाओं, विद्यार्थियो, किसानों व स्टार्टअप को प्राथमिकता दी गई है.
मध्यमवर्गीय से लेकर बड़े उद्योग जगत यानी सभी का ख्याल इसमें रखा गया है. केंद्रीय मंत्री भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में हम 40वें व स्टार्टअप इंडेक्स में तीसरे स्थान पर आ गये हैं.
कोविड के बाद जहां विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगा रही थी तब हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रेंकिंग पांचवें नंबर पर आ गई. दो सौ सालों तक हमारे देश में राज करनेवाले ब्रिटेन से हम आगे बढ़ गए. बजट में ग्रीन ग्रोथ व क्लीन एनर्जी का उल्लेख है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट में तय की गई सात प्राथमिकताओं में ही बजट की पूरी आत्मा और सार निहित है.
अंतिम कगार पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना और उनका कल्याण व हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना ही मोदी सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि देश भर में 38000 से अधिक एकलव्य विद्यालयोुं में अध्यापकों की नियुक्ति की जायेगी.
इसका लाभ झारखंड को भी मिलेगा. जनजाति समुदाय में भी जहां सबसे अधिक कमजोर स्थिति में झारखंड भी है. उनके लिए 15000 करोड़ रूपये से बुनियादी सुविधायें निर्धारित किए जायेंगे. स्टार्टअप के 1 साल टैक्स फ्री को बढ़ाकर 2 साल कर दिया गया है. 7 लाख तक आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा.
राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 2025 तक 4.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जो कि पिछली सरकारों में 2 डिजिट में हुआ करता था. शीर्ष शिक्षण संस्थानों में तीन कृत्रिम मेधा केंद्र, उत्कृष्ट नर्सिंग काॅलेज, ज्वाइंट रिसर्च वेंचर समेत कई प्रावधान किये गये हैं.
मेडिकल रिसर्च में भी बिजनेस की तरह पीपीपी मॉडल में शोध का प्रावधान किया गया है. यह बजट क्रांतिकारी के साथ भारत को आगे ले जाने वाला बजट है.

