
उदित वाणी, जमशेदपुर : मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर आदर्श सेवा संस्थान द्वारा पूर्वी सिंहभूम में आयोजित कार्यक्रम में बाल संरक्षण और बाल अधिकारों के क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने एकजुट होकर बच्चों की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया. कार्यक्रम में टाटानगर रेलवे स्टेशन डायरेक्टर सुनिल कुमार, स्टेशन मास्टर जी.के. माझी, जिला विधिक प्राधिकार सेवा सचिव धर्मेंद्र कुमार, आरपीएफ पोस्ट कमांडर राकेश मोहन, सीडब्ल्यूसी सदस्य रुबी साहू, डीसीपीओ प्रेम कुमार, समाजसेवी पूर्वी घोष, कार्यकारिणी सदस्य चंदन कुमारी जायसवाल, आदर्श सेवा संस्थान की सचिव प्रभा जायसवाल, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन प्रोजेक्ट के सनातन पांडे, सदस्य राकेश कुमार मिश्रा, गुड्डी सिंह, युधिष्ठिर पाल, चाइल्डलाइन, आरपीएफ एवं जीआरपी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
बैठक में अधिकारियों ने माना कि बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने के लिए मौजूदा कानूनों के प्रति जागरूकता, संवेदनशील समुदायों को प्रशिक्षित करने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल की तत्काल आवश्यकता है.

संगठन ने बताया कि पिछले वर्ष कई बच्चों को बाल श्रम, ट्रैफिकिंग और जबरन विवाह से बचाया गया. प्रभा जायसवाल ने कहा, “ट्रैफिकिंग रोकने के लिए शीघ्र और सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है. जब बाल दुर्व्यापारियों में कानून का भय होगा तभी यह रोकथाम संभव होगी.”
उल्लेखनीय है कि 15 से 30 जुलाई 2025 के बीच आदर्श सेवा संस्थान और आरपीएफ के संयुक्त अभियान में 10 लड़कों और 1 लड़की को रेस्क्यू किया गया तथा 3 अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. कार्यक्रम में जुलाई माह में रेलवे स्टेशनों पर चलाए गए जागरूकता अभियान का भी उल्लेख हुआ, जिसका उद्देश्य रेल मार्ग से होने वाली ट्रैफिकिंग पर रोक लगाना था.
सभी उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मजबूत प्रशासनिक समन्वय और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई से ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

