
उदित वाणी, रांची: हरियाणा के नूंह जिले के अरावली की पहाडिय़ों पर एक दिन पहले अवैध खनन रोकने गए डीएसपी सुरेंद्र सिंह को खनन माफिया द्वारा डंपर से कुचले जाने के तर्ज पर रांची के तुपुदाना इलाके में पशु तस्करों ने भी बर्ष 2018 बैच की महिला दारोगा संध्या टोपनो को कुचला गया. पशु तस्करोंं ने गोवंश से लदे पिकअप वैन चढ़ाकर तुपुदाना ओपी क्षेत्र में पुराना हुलहुंडू के पास बुधवार को अहले सुबह ढाई से तीन बजे के बीच हत्या कर दी गई.
वहीं घटना के बाद गोवंश से लदा पिकअप वैन जेएच-01ई जे 7501 कुछ दूर आगे रिंग रोड पहुंचने पर टायर फटने से पलट गई और पिकवैन को छोड़ कर पशु तस्कर दूसरी गाड़ी से तेजी से भाग निकले. लिहाजा पुलिस ने पिकअप वैन को जब्त कर लिया और वैन में मौजूद एक नाबालिग को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है.
बताया गया कि इसके बाद पुलिस ने वैन के ड्राइवर निसार खान को भी दबोच लिया. एक आला पुलिस अधिकारी के अनुसार ओडि़शा से सिमडेगा के रास्ते पशु तस्करी कर ले जा रही यह वैन खूंटी में कई बैरिकेडिंग तोड़ कर रांची जिला में घुसी और इसकी सूचना तुपूदाना ओपी के थानेदार कन्हैया सिंह को मिली थी. उन्होंने रात्रि गश्त पर निकली महिला दारोगा संध्या टोपनो को इसको लेकर अलर्ट किया था.
इसके बाद दारोगा संध्या अपने कुछ सहयोगियों के साथ वाहन चेकिंग में जुट गई थी. इसी बीच खूंटी की ओर से आ रही एक ऑल्टो कार को रोका गया. संध्या एक किनारे खड़ी थी और अन्य जवान कार में बैठे 4-5 लड़कों की तलाशी ले रहे थे. अचानक खूंटी की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही पिकअप वैन का ड्राइवर निसार खान दारोगा को देख कर डर गया और दुस्साहसिक तरीके से संध्या को रौंद दिया.
इसके बाद खून से लथपथ दारोगा को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन संध्या ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. लिहाजा हिट एंड रन की इस संगीन वारदात के बाद प्रशासन में ख्लबली मच गई है और पुलिस अब पशु तस्करों के सूत्रधार तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है. वहीं मृतक दारोगा को रिम्स में पोस्टमार्टम के बाद रांची पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई.
इसके बाद संध्या के शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया. संध्या मूल रूप से खूंटी के रनिया की रहने वाली थी. उनका एक मकान रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के सोलंकी चौक कल्याणपुर में है. जहां परिवार के सभी सदस्य रहते हैं. शव का अंतिम संस्कार रांची स्थित आवास से ही किया गया. इधर इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगा है.
जांबाज महिला दारोगा संध्या टोपनो की शहादत ने यह साबित कर दिया है कि पशु तस्करों का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है. राज्य में पशु तस्करों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है. झारखंड की सीमा से पश्चिम बंगाल के रास्ते मुर्शिदाबाद से अवैध तरीके से बांग्लादेश तक पशुओं की तस्करी की जा रही है.

